बिहार में बाढ़ का कहर: गंगा और गंडक उफान पर, नेपाल में लापता कैलाश यात्रियों की तलाश जारी
नेपाल में आई भारी आपदा का असर भारत के कई राज्यों पर दिखाई दे रहा है। बिहार के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं, तो वहीं उत्तर प्रदेश में भी नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। इसी बीच, पश्चिम बंगाल…
नेपाल में आई भारी आपदा का असर भारत के कई राज्यों पर दिखाई दे रहा है। बिहार के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं, तो वहीं उत्तर प्रदेश में भी नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। इसी बीच, पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए छह तीर्थयात्री नेपाल में बाढ़ के कारण लापता हो गए हैं, जिससे उनके परिजन बेहद चिंतित हैं।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, दुर्गापुर के ये छह यात्री 25 अगस्त की रात से संपर्क में नहीं हैं। लापता यात्रियों में अरिंदम गांगुली भी शामिल हैं। उनकी दोस्त सुजाता बनर्जी ने बताया कि ट्रैवल एजेंसी पूरी जानकारी नहीं दे रही है, जिससे परिवारों की चिंता और बढ़ गई है। परिजनों और पड़ोसियों ने प्रशासन से यात्रियों का जल्द पता लगाकर उन्हें सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है।
बिहार में बाढ़ से बिगड़ते हालात
बिहार में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। भागलपुर के नौगछिया में गंगा नदी का तटबंध टूटने से एक बड़ी आबादी प्रभावित हुई है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा है, जिसके तहत मुफ्त सामुदायिक रसोई, अस्थायी मेडिकल कैंप और राहत शिविर चलाए जा रहे हैं। वहीं, बगहा में गंडक नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोग जलस्तर बढ़ने की आशंका से रातभर जागने को मजबूर हैं। पटना के आस-पास के क्षेत्रों में भी पानी घरों में घुस गया है, और कई परिवार अपने मवेशियों के साथ पटना मरीन ड्राइव जैसे ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं।
उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों पर असर
उत्तर प्रदेश के रायबरेली में भी गंगा का जलस्तर चेतावनी के निशान को पार कर गया है, जिससे कटरा क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। कई जगहों पर जलभराव से धान, गन्ने और अरहर की फसलें पानी में डूब गई हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है। उधर, जम्मू में गोरखा समुदाय के लोगों ने नेपाल त्रासदी में जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति और लापता लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए एक मंदिर में विशेष प्रार्थना की।
इनपुट: IANS



