मुंबई: ऑनलाइन गेमिंग और साइबर ठगी के बड़े रैकेट का खुलासा, सरगना समेत 6 लोग गिरफ्तार
मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाकर उन्हें ऑनलाइन गेमिंग और साइबर धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल करता था। समाचार एजेंसी IANS के
मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाकर उन्हें ऑनलाइन गेमिंग और साइबर धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल करता था। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस मामले में गिरोह के सरगना सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह अंधेरी पश्चिम के मरोल इलाके में एक दफ्तर से अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।
पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई क्राइम ब्रांच की यूनिट-2 को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई। सूचना मिली थी कि एक फर्जी कंपनी के नाम पर बैंक खाते खोलकर उनका दुरुपयोग किया जा रहा है।
कैसे काम करता था यह गिरोह?
जांच में सामने आया कि आरोपी नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अलग-अलग बैंकों में चालू खाते (Current Accounts) खुलवाते थे। इसके बाद, इन खातों से जुड़े एटीएम कार्ड और सिम कार्ड को एक्टिवेट करके देश के अलग-अलग हिस्सों में भेज दिया जाता था। रिपोर्ट के मुताबिक, इन कार्ड्स का एक बड़ा हिस्सा असम के डिब्रूगढ़ भेजा गया, जहाँ इनका मुख्य रूप से ऑनलाइन गेमिंग और साइबर फ्रॉड के लिए इस्तेमाल होता था।
भारी मात्रा में सामान जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह के कब्जे से 66 एटीएम कार्ड, 12 मोबाइल कंपनियों के सिम कार्ड, 19 बैंक पासबुक और 122 चेकबुक बरामद की हैं। इसके अलावा 2 लैपटॉप, एक कलर प्रिंटर, 2 पेन ड्राइव और 68 नकली रबर स्टैंप भी जब्त किए गए हैं।
आरोपियों के खिलाफ वायुगति पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। अदालत ने सभी छह आरोपियों को 8 जुलाई 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट-2 मामले की आगे की जांच कर रही है।
इनपुट: IANS



