सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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मध्य-पूर्व में ईरान और हूती विद्रोहियों से हमले का खतरा, अमेरिका ने 12 देशों में अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया

मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका के बीच, अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए एक अहम सुरक्षा चेतावनी जारी की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह अलर्ट क्षेत्र के 12 देशों के लिए है, जहाँ…

मध्य-पूर्व में ईरान और हूती विद्रोहियों से हमले का खतरा, अमेरिका ने 12 देशों में अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया
(फोटो: IANS)

मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका के बीच, अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए एक अहम सुरक्षा चेतावनी जारी की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह अलर्ट क्षेत्र के 12 देशों के लिए है, जहाँ ईरान या उसके समर्थक समूहों, जैसे यमन के हूती विद्रोहियों, द्वारा अमेरिकी ठिकानों पर हमले का खतरा बताया गया है।

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अमेरिकी दूतावासों द्वारा जारी इस एडवाइजरी में कहा गया है कि ईरान और उसके सहयोगी दुनिया भर में अमेरिका से जुड़े ठिकानों को निशाना बना सकते हैं। इसमें कहा गया, "इनमें अमेरिकी बिजनेस और अन्य संस्थान भी शामिल हो सकते हैं।" इस चेतावनी के दायरे में खाड़ी के अरब देशों के अलावा जॉर्डन, इराक, सीरिया, लेबनान, इजरायल, यमन और ईरान शामिल हैं।

नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष हिदायतें

अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे "मौजूदा जटिल सुरक्षा हालात को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतें।" उन्हें यात्रा में संभावित बाधाओं के प्रति भी आगाह किया गया है, जिसमें "उड़ानें रद्द होने, एयरस्पेस बंद होने और यात्रा में रुकावट की आशंका" शामिल है। एडवाइजरी में सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों का हवाला देते हुए कहा गया है कि यह संघर्ष "तेजी से उस इलाके के बाहर भी फैल सकता है।"

इसके अलावा, सऊदी अरब में काम कर रहे अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए गए हैं। उन्हें यमन की सीमा के 20 मील के दायरे में जाने की मनाही है। साथ ही, जिजान, असीर, नजरान और कातिफ जैसे प्रांतों की यात्रा के लिए विशेष अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के इस्तेमाल के लिए भी उन्हें विशेष अनुमति की आवश्यकता होगी।

आपातकालीन सेवाओं पर जानकारी

अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन चिह्नित जोखिम वाले इलाकों में आपातकालीन सहायता प्रदान करने की सरकार की क्षमता सीमित है। हालांकि, एडवाइजरी में यह भरोसा भी दिया गया है कि अमेरिकी नागरिकों के लिए नियमित और आपातकालीन कांसुलर सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। किसी भी तरह की सहायता के लिए उन्हें अपने नजदीकी दूतावास या वाणिज्य दूतावास से संपर्क करने को कहा गया है।

इनपुट: IANS

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