शेयर बाजार में पिछले दिन की गिरावट थमी, आईटी शेयरों की अगुवाई में 400 अंकों से ज्यादा उछला सेंसेक्स
पिछले कारोबारी सत्र में गिरावट झेलने के बाद भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को जोरदार वापसी की। आईटी शेयरों में आई 3% से ज्यादा की जबरदस्त तेजी के दम पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 400…
पिछले कारोबारी सत्र में गिरावट झेलने के बाद भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को जोरदार वापसी की। आईटी शेयरों में आई 3% से ज्यादा की जबरदस्त तेजी के दम पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 400 अंकों से ज्यादा चढ़ गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी हरे निशान में कारोबार करता दिखा।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 183.43 अंकों की बढ़त के साथ 71,776.67 पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 ने 83.15 अंकों की तेजी के साथ 22,314.95 पर कारोबार शुरू किया। दिन चढ़ने के साथ यह बढ़त और मजबूत हो गई। खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 452.95 अंक (0.63%) उछलकर 72,046 के करीब था, जबकि निफ्टी 167.05 अंक (0.75%) चढ़कर 22,398 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
किन सेक्टर्स और शेयरों में रही रौनक?
शुक्रवार की इस तेजी का नेतृत्व आईटी सेक्टर ने किया, जहाँ निफ्टी आईटी इंडेक्स 3 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुआ। इसके अलावा मीडिया, पीएसयू बैंक, एफएमसीजी और प्राइवेट बैंक जैसे सेक्टर्स में भी 1% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, निफ्टी फार्मा और निफ्टी ऑयल एंड गैस में गिरावट का रुख रहा। निफ्टी50 इंडेक्स में टीसीएस, इंफोसिस, एचडीएफसी लाइफ, आयशर मोटर्स और एचसीएल टेक जैसे शेयर सबसे ज्यादा फायदे में रहे। इसके विपरीत, बीईएल, रिलायंस, सिप्ला और कोल इंडिया के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया।
बाजार के लिए चिंता और अवसर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी के बावजूद कुछ चिंताएं बनी हुई हैं। मध्य पूर्व में तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल का 103 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहना और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का ऊंचा स्तर बाजार के लिए जोखिम है। विश्लेषकों के मुताबिक, इन्हीं कारणों से विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जिससे बाजार पर "रैली पर बिकवाली" का दबाव बना हुआ है। गुरुवार को भी एफआईआई ने 12,943 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 10,703 करोड़ रुपए की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया।
हालांकि, जानकारों का यह भी कहना है कि बाजार में बड़े सुधार अक्सर लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौके लाते हैं। मौजूदा गिरावट में अच्छी कंपनियों के शेयरों में धीरे-धीरे निवेश के अवसर बन रहे हैं।
इनपुट: IANS



