मराठा आरक्षण: छगन भुजबल ने OBC कोटे में 'बैकडोर एंट्री' का किया विरोध, कहा - कुनबी और मराठा एक नहीं
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने इस पर एक अहम बयान देते हुए कहा है कि मराठा और कुनबी समुदाय अलग-अलग हैं और मराठों को…
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने इस पर एक अहम बयान देते हुए कहा है कि मराठा और कुनबी समुदाय अलग-अलग हैं और मराठों को ओबीसी कोटे में 'पिछले दरवाजे' से शामिल करने के किसी भी प्रयास का विरोध किया जाएगा। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, उन्होंने स्पष्ट किया कि कुनबी समुदाय कानूनी तौर पर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में आता है, लेकिन जो मराठा कुनबी नहीं हैं, उन्हें गलत तरीके से इस श्रेणी में लाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।
भुजबल ने सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने फैसले का हवाला देते हुए कहा, "एक फैसला तो सुप्रीम कोर्ट ने लिया है कि मराठा समाज पिछड़ा नहीं है। अब यह मैं नहीं बोल रहा हूं, सुप्रीम कोर्ट बोल रहा है।" उन्होंने कहा कि अगर किसी को इस स्थिति से आपत्ति है, तो वे उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए स्वतंत्र हैं।
'दबाव में काम नहीं करेंगे'
मंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रशासन को किसी भी तरह के दबाव में आकर काम नहीं करना चाहिए। उन्होंने अपनी शपथ को याद दिलाते हुए कहा, "हम लोगों ने बिना किसी भय और पक्षपात के मंत्री पद की शपथ ली है। न पक्ष लेंगे, ना घबराएंगे और नहीं डर के काम करेंगे।" भुजबल ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन और धरने का अधिकार सभी को है, लेकिन गलत दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए।
इस संबंध में मुख्यमंत्री से बातचीत करने की बात पर उन्होंने कहा कि जिन फैसलों का असर ओबीसी या अन्य वर्गों के आरक्षण पर पड़ सकता है, वे सभी के सामने आने चाहिए। उन्होंने चेताया, "गलत ढंग से घुसपैठ नहीं होनी चाहिए।"
मनोज जरांगे के आंदोलन पर प्रतिक्रिया
जब उनसे मनोज जरांगे के आंदोलन की चेतावनी के बारे में पूछा गया, तो भुजबल ने कहा कि यह एक लोकतांत्रिक देश है और सभी को अपनी बात रखने और मोर्चा निकालने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर आरक्षण सुधार एक बड़ा मुद्दा है और कोई भी फैसला पूरे देश पर लागू होगा, इसलिए फिलहाल वे स्थानीय स्तर पर ही बात कर रहे हैं।
इनपुट: IANS



