पालघर: गलतफहमी में भाई की हत्या, 6 साल पुराने मामले में अदालत ने दी उम्रकैद की सज़ा
महाराष्ट्र के पालघर जिले में छह साल पहले हुई एक हत्या के मामले में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। एक मामूली गलतफहमी के चलते अपने ही सगे भाई की कुल्हाड़ी से हत्या करने वाले शख्स को पालघर की अपर जिला
महाराष्ट्र के पालघर जिले में छह साल पहले हुई एक हत्या के मामले में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। एक मामूली गलतफहमी के चलते अपने ही सगे भाई की कुल्हाड़ी से हत्या करने वाले शख्स को पालघर की अपर जिला एवं सत्र अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 10,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने 11 गवाहों के बयानों और मजबूत सबूतों के आधार पर यह फैसला सुनाया।
यह घटना 7 मार्च 2020 की है, जब पालघर के तलासरी तहसील स्थित आमगांव शिवपाड़ा निवासी राजेश रुपजी डोल्हारे ने अपने भाई वसंत रुपजी डोल्हारे की निर्मम हत्या कर दी थी। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों भाइयों के बीच पहले से ही खेती को लेकर विवाद चल रहा था।
मामूली कहासुनी बनी हत्या की वजह
घटना वाले दिन, मृतक वसंत की बेटी और दोषी राजेश के छोटे बेटे के बीच किसी बात पर कहासुनी हो गई। इस पर वसंत ने अपनी बेटी से कहा, "मेरा एक ही भाई है, उसे मत रुलाओ।" राजेश ने इसे ताना समझ लिया और गलतफहमी का शिकार हो गया। इसी शक में उसने अपने भाई को घर से बाहर बुलाया और कुल्हाड़ी से कई वार कर उसकी जान ले ली।
पुलिस जांच और अदालत का फैसला
तलासरी पुलिस ने घटना के बाद भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया था। तत्कालीन पुलिस उपनिरीक्षक सागर पाटिल और उमेश रोठे ने मामले की जांच की और ठोस सबूत इकट्ठा किए। इसके बाद, तत्कालीन प्रभारी पुलिस निरीक्षक अजय वसावे ने कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष ने मुकदमे के दौरान कुल 11 गवाह पेश किए। शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ए.आर. रहाणे ने सभी सबूतों के आधार पर राजेश डोल्हारे को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। सरकारी वकील रेखा हिवराळे और जांच अधिकारियों की प्रभावी पैरवी ने दोषी को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इनपुट: IANS



