महाराष्ट्र में यूनिफॉर्म सिविल कोड पर महायुति सरकार का कदम, नितेश राणे और अब्दुल सत्तार ने किया स्वागत
महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (UCC) का मसौदा तैयार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा सात सदस्यीय समिति के गठन का सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने स्वागत किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक,
महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (UCC) का मसौदा तैयार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा सात सदस्यीय समिति के गठन का सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने स्वागत किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, गठबंधन के नेताओं ने इस पहल को संविधान की भावना के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
राज्य के मंत्री नितेश राणे ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि महायुति सरकार भारतीय संविधान के नीति-निर्देशक तत्वों में उल्लिखित अनुच्छेद 44 की दिशा में ही काम कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा, "डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान के अनुसार ही देश चलेगा और इसी आधार पर सरकार निर्णय ले रही है। संविधान सर्वोपरि है।" राणे ने यह भी साफ किया कि जो लोग भारत में शरिया कानून की बात करते हैं, उन्हें समझना चाहिए कि यहां सिर्फ संविधान का शासन चलेगा।
कानून और राजनीति पर विचार
शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार ने भी समिति के गठन को एक सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि देश का संचालन संवैधानिक दायरे में ही होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि कानून बनाते समय इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों। सत्तार के अनुसार, "यदि कोई विषय राजनीतिक दृष्टि से आगे बढ़ाया जा रहा हो तो उस पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।"
शिंदे-पवार मुलाकात पर अटकलों का खंडन
हाल ही में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और शरद पवार के बीच हुई मुलाकात को लेकर चल रही राजनीतिक अटकलों को अब्दुल सत्तार ने खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक शिष्टाचार भेंट थी और इसे किसी राजनीतिक गठबंधन से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। जब उनसे पूछा गया कि दोनों नेताओं की रणनीति का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है, तो उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि जब उनके करीबियों को ही पता नहीं चलता, तो उन्हें कैसे पता चल सकता है।
इसके अलावा, सत्तार ने महाराष्ट्र की 'मिसिंग लिंक' परियोजना पर विपक्ष के आरोपों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा में तथ्यों के साथ स्थिति स्पष्ट कर दी थी और बताया था कि यह देश की एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसमें कुछ तकनीकी कारणों से हुई घटना को विपक्ष ने राजनीतिक रंग देने की कोशिश की।
इनपुट: IANS



