मंगलवार, 30 जून 2026 · नई दिल्ली
महाराष्ट्र

टीईटी पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा विवाद: कांग्रेस ने महाराष्ट्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया

एक तरफ देशभर में नीट पेपर लीक को लेकर आक्रोश थमा नहीं है, दूसरी तरफ महाराष्ट्र में टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) का पेपर लीक होने की खबर ने विपक्ष को एक नया मोर्चा दे दिया है। इसके साथ ही अयोध्या के

टीईटी पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा विवाद: कांग्रेस ने महाराष्ट्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया
(फोटो: IANS)

एक तरफ देशभर में नीट पेपर लीक को लेकर आक्रोश थमा नहीं है, दूसरी तरफ महाराष्ट्र में टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) का पेपर लीक होने की खबर ने विपक्ष को एक नया मोर्चा दे दिया है। इसके साथ ही अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद को भी हथियार बनाते हुए कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर एक साथ हमला बोला है।

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IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई में कांग्रेस नेता असलम शेख और महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने शनिवार को अलग-अलग बयानों में सरकार पर युवाओं, शिक्षकों और श्रद्धालुओं के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की।

असलम शेख: 'पेपर लीक पर सरकार की गंभीरता शून्य'

असलम शेख ने टीईटी पेपर लीक को गंभीरता से रेखांकित करते हुए कहा कि यह परीक्षा सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अनिवार्य है और हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट भी शिक्षकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ऐसी परीक्षाओं का समर्थन कर चुके हैं। उन्होंने कहा, "नीट पेपर लीक के चलते पूरे देश के विद्यार्थी सड़कों पर उतर चुके हैं और पुलिस कार्रवाई झेल रहे हैं — ऐसे माहौल में टीईटी जैसी अहम परीक्षा का पेपर लीक होना बेहद गंभीर है, लेकिन सरकार इस पर कोई गंभीरता नहीं दिखा रही।"

उन्होंने पिछले साल मुंबई महानगरपालिका की आंतरिक परीक्षा के पेपर लीक का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने उससे कोई सबक नहीं लिया और लगातार इस तरह की घटनाएँ सामने आ रही हैं। "सरकार महाराष्ट्र और देश के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने में लगी हुई है" — यह उनका सीधा आरोप था।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर शेख का रुख

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर असलम शेख ने कहा कि वह पुराने विवादों पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन जो ताज़ा मामला सामने आया है उसमें श्रद्धालुओं से चंदा एकत्र किया गया और अब कथित चोरी को लेकर एफआईआर दर्ज हुई है — यह अपने आप में गंभीर सवाल खड़े करता है।

नाना पटोले: '80 लाख दिखाकर 500 करोड़ का मामला दबाने की कोशिश'

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने टीईटी पेपर लीक पर केंद्र सरकार को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया, "एनडीए सरकार आने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं के ज़रिये आर्थिक शोषण का सिलसिला बढ़ा है। भाजपा के नेता और कार्यकर्ता यही सोचते हैं कि शिक्षकों और छात्रों से किस तरह आर्थिक लाभ लिया जाए।" उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर विधानसभा तक उठाती रहेगी और आंदोलन जारी रहेगा।

राम मंदिर चढ़ावा मामले में पटोले ने दावा किया कि श्रद्धालुओं ने मंदिर को 500 करोड़ रुपये से अधिक का दान दिया था और कई लोग सोने-चाँदी की ईंटें भी दे चुके हैं। उन्होंने कहा, "सरकार केवल 80 लाख रुपये की कथित चोरी दिखाकर इस पूरे मामले को छोटा साबित करने की कोशिश कर रही है। स्थानीय थाने में विधिवत एफआईआर भी दर्ज नहीं हुई।" उन्होंने इसे महज चोरी नहीं, बल्कि 'डाका' करार दिया — उनके शब्दों में, "यह भगवान श्रीराम के मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था पर हमला है।"

पटोले ने अंत में कहा कि "भगवान श्रीराम सब देख रहे हैं और सत्ता का अहंकार अधिक दिनों तक नहीं टिकेगा।" उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस राम मंदिर में लूट के दोषियों को कानून के दायरे में लाने के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।

इनपुट: IANS

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News4Social वायर डेस्क

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