शनिवार, 22 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
मध्यप्रदेश

बालाघाट में बैगा आदिवासी बच्चों की मौत: सरकार का एक्शन, दो अधिकारी हटाए गए, जांच के आदेश

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बैगा आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। इस घटना के बाद दो स्वास्थ्य अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया गया है और पूरे मामले की…

बालाघाट में बैगा आदिवासी बच्चों की मौत: सरकार का एक्शन, दो अधिकारी हटाए गए, जांच के आदेश
(फोटो: IANS)

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बैगा आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। इस घटना के बाद दो स्वास्थ्य अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया गया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने खुद प्रभावित गांव का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

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समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बालाघाट के बिरसा विकासखंड स्थित मछुरदा गांव पहुंचकर बैगा जनजाति के उन परिवारों से बात की, जिनके बच्चों की बीमारी से मृत्यु हो गई थी। उन्होंने बच्चों की स्थिति, स्वास्थ्य समस्याओं और परिवारों की सामाजिक-आर्थिक हालत पर विस्तार से जानकारी ली। शुक्ल ने गांव की सरपंच जिलसो रामसिंह तिलगाम समेत सभी परिवारों से बच्चों के टीकाकरण में सहयोग करने की अपील की।

जांच और प्रशासनिक कार्रवाई

पत्रकारों से बात करते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस मामले में बालाघाट के जिला टीकाकरण अधिकारी को बदला गया है, जबकि जिला मलेरिया अधिकारी को हटा दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की मौत के मामले की पूरी जांच होगी और अगर किसी भी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शुक्ल ने कहा, "जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने से सरकार पीछे नहीं हटेगी।"

स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करने का वादा

इस दौरे के दौरान राजेंद्र शुक्ल ने स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई निर्देश दिए। उन्होंने मछुरदा के उप-स्वास्थ्य केंद्र में एक एएनएम (Auxiliary Nurse Midwife) की तत्काल व्यवस्था करने को कहा ताकि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही इलाज मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी और आंगनबाड़ी केंद्रों की सेवाओं को और भी प्रभावी बनाया जाएगा।

जागरूकता और रोकथाम अभियान

सरकार ने इस क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता के लिए एक विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल बिरसा क्षेत्र के 38 गांवों में मलेरिया से बचाव के लिए दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर सर्वे कर रहे हैं और बीमार लोगों की जांच कर उनका इलाज कर रहे हैं। इसके अलावा, प्रभावित गांवों में टीकाकरण के लिए भी एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। शुक्ल ने कहा कि वह भोपाल में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बैगा बच्चों के पोषण के मुद्दे पर बैठक करेंगे ताकि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।

इनपुट: IANS

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News4Social मध्य प्रदेश डेस्क

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