लॉर्ड्स पर क्रांति: 5 विकेट लेकर 'ऑनर्स बोर्ड' पर नाम लिखाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं क्रांति गौड़
क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर एक नया इतिहास रचा गया है। भारत की युवा तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित 'ऑनर्स बोर्ड' पर अपना नाम दर्ज कराने वाली पहली महिला क्रिकेटर ब
क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर एक नया इतिहास रचा गया है। भारत की युवा तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित 'ऑनर्स बोर्ड' पर अपना नाम दर्ज कराने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं। इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे ऐतिहासिक टेस्ट मैच में उन्होंने अपनी धारदार गेंदबाजी से पांच विकेट झटके और उस सपने को हकीकत में बदल दिया, जो हर क्रिकेटर देखता है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, क्रांति ने यह उपलब्धि मैच के दूसरे दिन हासिल की। उनके इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारतीय टीम ने इंग्लैंड को पहली पारी में महज 170 रनों पर समेट दिया और 115 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली। 22 वर्षीय क्रांति ने 17 ओवरों में सिर्फ 37 रन देकर 5 इंग्लिश बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया।
टेस्ट से पहले ही जता दी थी इच्छा
दिलचस्प बात यह है कि मैच से कुछ दिन पहले ही क्रांति ने इस सपने का जिक्र किया था। बीसीसीआई द्वारा 'एक्स' पर साझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा था, "लॉर्ड्स का ऑनर्स बोर्ड बहुत मशहूर है, क्योंकि जो खिलाड़ी पांच विकेट लेता है, उसका नाम उस बोर्ड पर लिखा जाता है। हम भी पांच विकेट लेने और बोर्ड पर अपना नाम लिखवाने के लिए बहुत उत्साहित हैं।" शनिवार को उन्होंने अपनी कही बात को सच कर दिखाया।
तोड़ा झूलन गोस्वामी का रिकॉर्ड
इस 'फाइव-विकेट हॉल' के साथ ही क्रांति गौड़ टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में पांच विकेट लेने वाली सबसे युवा भारतीय महिला तेज गेंदबाज बन गई हैं। इस मामले में उन्होंने दिग्गज गेंदबाज झूलन गोस्वामी का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2005 में यह कारनामा किया था। क्रांति, गोस्वामी और गार्गी बनर्जी के बाद टेस्ट में पांच विकेट लेने वाली केवल तीसरी भारतीय महिला पेसर हैं।
भावुक पलों के गवाह बने परिवार और टीम
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद जब क्रांति गौड़ ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम लिखने गईं, तो यह पल बेहद खास बन गया। बीसीसीआई द्वारा साझा किए गए वीडियो में उनके परिवार के सदस्य वीडियो कॉल के जरिए इस गौरवपूर्ण क्षण के गवाह बने। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी उनके परिवार को बधाई दी। जैसे ही क्रांति ने बोर्ड पर अपना नाम लिखा, पूरी टीम और सपोर्ट स्टाफ ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस अद्वितीय उपलब्धि का जश्न मनाया।
इनपुट: IANS



