कोरियाई सीमा पर तनाव: दक्षिण कोरियाई सेना ने उत्तर के सैनिकों पर की चेतावनी फायरिंग
कोरियाई प्रायद्वीप पर जारी तनाव के बीच पिछले सप्ताह एक और घटना सामने आई, जब दक्षिण कोरियाई सेना को उत्तर कोरिया के कुछ सैनिकों पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलानी पड़ीं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार…
कोरियाई प्रायद्वीप पर जारी तनाव के बीच पिछले सप्ताह एक और घटना सामने आई, जब दक्षिण कोरियाई सेना को उत्तर कोरिया के कुछ सैनिकों पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलानी पड़ीं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ये सैनिक दोनों देशों को बांटने वाली सैन्य सीमांकन रेखा (MDL) को पार कर गए थे, जिसके बाद उन्हें पीछे हटने के लिए मजबूर किया गया। यह जानकारी रविवार को दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने दी।
यह घटना पूर्वी मोर्चे के अग्रिम इलाके में हुई। अधिकारियों का मानना है कि उत्तर कोरियाई सैनिक संभवतः नियमित गश्त पर थे और गलती से सीमा पार कर गए। दक्षिण कोरियाई सेना ने स्थापित नियमों का पालन करते हुए पहले उन्हें चेतावनी दी और जब वे नहीं हटे तो चेतावनी स्वरूप गोलियां चलाईं, जिसके बाद वे अपनी सीमा में वापस लौट गए।
क्या है सैन्य सीमांकन रेखा?
सैन्य सीमांकन रेखा (Military Demarcation Line) वह सीमा है जो दोनों कोरियाई देशों को अलग करने वाले असैन्यीकृत क्षेत्र (DMZ) के बीच से होकर गुजरती है। यह रेखा 1950-53 के कोरियाई युद्ध के बाद हुए युद्धविराम समझौते का हिस्सा है। तकनीकी रूप से दोनों देश अब भी युद्ध की स्थिति में हैं क्योंकि उनके बीच कोई औपचारिक शांति संधि नहीं हुई है।
दक्षिण कोरियाई सेना की एक निर्धारित प्रक्रिया है। जब उत्तर कोरियाई सैनिक MDL के पास आते हैं, तो पहले प्रसारण के जरिए उन्हें चेतावनी दी जाती है। अगर वे फिर भी सीमा पार कर जाते हैं, तो चेतावनी फायरिंग की जाती है।
इस साल की पहली ऐसी घटना
यह इस साल की पहली सार्वजनिक रूप से ज्ञात घटना है, जिसमें दक्षिण कोरियाई सेना ने उत्तर कोरियाई सैनिकों के सीमा उल्लंघन के जवाब में गोलियां चलाई हैं। इससे पहले 2026 में ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई थी। घटना के बाद से इलाके में किसी भी असामान्य गतिविधि की सूचना नहीं है और दक्षिण कोरियाई सेना निगरानी बनाए हुए है।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यंग ने उत्तर कोरिया से बातचीत बहाल करने और स्थायी शांति स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है, जिस पर प्योंगयांग ने अभी तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इसके अलावा, अमेरिका और दक्षिण कोरिया जल्द ही अपना वार्षिक 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' संयुक्त सैन्य अभ्यास भी शुरू करने वाले हैं, जिसका उत्तर कोरिया अक्सर विरोध करता है।
इनपुट: IANS



