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LLB के स्टूडेन्ट्स को बांट दिए M.Com के पेपर: उदयपुर की सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में लापरवाही, 10 दिन में दूसरी बार बड़ी चूक हुई; स्टूडेन्ट्स बोले- पेपर लीक हुआ – Udaipur News

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LLB के स्टूडेन्ट्स को बांट दिए M.Com के पेपर:  उदयपुर की सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में लापरवाही, 10 दिन में दूसरी बार बड़ी चूक हुई; स्टूडेन्ट्स बोले- पेपर लीक हुआ – Udaipur News

LLB के स्टूडेन्ट्स को बांट दिए M.Com के पेपर: उदयपुर की सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में लापरवाही, 10 दिन में दूसरी बार बड़ी चूक हुई; स्टूडेन्ट्स बोले- पेपर लीक हुआ – Udaipur News


उदयपुर की मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी की परीक्षा व्यवस्था एक बार फिर पटरी से उतरती नजर आ रही है। लॉ कॉलेज में जो हुआ, उसने यूनिवर्सिटी के इंतजामों की पोल खोलकर रख दी है। LLB फर्स्ट इयर के विद्यार्थियों को जब ‘कॉन्ट्रैक्ट’ सब्जेक्ट का पेपर दिया जाना था, तब उनके हाथों में एमकॉम का पेपर थमा दिया गया। इस बड़ी गलती के बाद परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया और छात्रों ने विरोध किया। एमकॉम का पेपर कुछ दिनों बाद होने वाला था। मामला शुक्रवार का है, जहां सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे की पारी में पेपर था। एलएलबी के छात्र अपनी तैयारी के साथ परीक्षा देने पहुंचे थे। नियमानुसार स्टाफ ने प्रश्नपत्रों के लिफाफे खोले और बांटना शुरू किया। लिफाफे के ऊपर तो सही विषय ‘कॉन्ट्रैक्ट’ ही लिखा था, लेकिन जैसे ही छात्रों ने पेपर अंदर से पढ़ा तो उनके होश उड़ गए। आधे से ज्यादा छात्रों के हाथ में एमकॉम थर्ड सेमेस्टर (बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) का पेपर था। जैसे ही छात्रों ने इसकी शिकायत की, परीक्षा कक्ष में अफरा-तफरी मच गई। कॉलेज प्रशासन को जब अपनी गलती का अहसास हुआ, तो आनन-फानन में एमकॉम के प्रश्नपत्र वापस लिए गए। इसके बाद एलएलबी के मूल प्रश्नपत्र की फोटोकॉपी कराई गई और विद्यार्थियों को बांटी गई। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय खराब हुआ, जिसकी भरपाई के लिए छात्रों को परीक्षा के अंत में कुछ अतिरिक्त समय दिया गया। करीब 20 मिनट की देरी के बाद परीक्षा फिर से शुरू हो पाई। हैरानी की बात यह है कि सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में पिछले 10 दिनों के भीतर यह दूसरी बड़ी लापरवाही है। इससे पहले 23 मार्च को भी ऐसा ही वाकया हुआ था। तब बीए थर्ड सेमेस्टर के बेसिक एनाटोमी एंड फिजियोलॉजी के पेपर की जगह बैचलर ऑफ लाइब्रेरी साइंस का पेपर दे दिया गया था। इतना ही नहीं, 18 मार्च को हुई एक परीक्षा में तो पेपर की छपाई इतनी घटिया थी कि छात्रों को अक्षर तक साफ दिखाई नहीं दे रहे थे। इस मामले पर यूनिवर्सिटी के एग्जाम कंट्रोलर मुकेश बारबर का कहना है कि प्रश्नपत्रों में हो रही इस तरह की चूक के लिए संबंधित प्रिंटिंग फर्म को नोटिस जारी किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी गलती न हो, इसके लिए सख्ती की जाएगी और अब दो बार चेक करने के बाद ही पेपर सेंटर्स पर भेजे जाएंगे। दूसरी ओर, एबीवीपी ने इस मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छात्र नेताओं ने कुलपति को ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध जताया। प्रांत सहमंत्री पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि एमकॉम का पेपर छात्रों के हाथ में पहुंचने से वह एक तरह से लीक हो चुका है। यह विश्वविद्यालय के संसाधनों का दुरुपयोग तो है ही, साथ ही हजारों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है। उन्होंने मांग की है कि बार-बार गलती करने वाली प्रिंटिंग प्रेस का ठेका तुरंत खत्म किया जाए। महानगर मंत्री कोमल वैष्णव ने कहा कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि आगे से ऐसी लापरवाही न हो। प्रदर्शन के दौरान किरण वैष्णव, नरेंद्र सिंह राठौड़, विकास चौधरी, जागृति रावल और महिपाल सिंह सहित कई छात्र मौजूद रहे। छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।

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