सोमवार, 13 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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नींद का कम आना बनता है बीमारी की वजह

अकसर लोग अपने काम के चलते अपनी नींद को पूरी नहीं कर पाते है. जो की लोगों के लिए बीमारी का संकेत देता है.

नींद का कम आना बनता है बीमारी की वजह


अकसर लोग अपने काम के चलते अपनी नींद को पूरी नहीं कर पाते है. जो की लोगों के लिए बीमारी का संकेत देता है. बता दें कि जो लोग हर रात सात घंटे से कम सोते है उन्हें दिल की बीमारी का खतरा हो सकता है. शोधकर्ताओं क कहना है कि जो लोग कम सोते है उनमें दिल की बीमारी और कोरोनरी हृदय रोग विकसित होने का खतरा ज्यादा रहता है.

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पत्रिका एक्सपेरिमेंटल फिजियोलॉजी में प्रकाशित निष्कर्ष के अनुसार, वे लोग कम सोते हैं, उनके शरीर के तीन नियामकों या माइक्रोआरएनए का रक्त स्तर निम्न होता है. माइक्रोआरएनए जीन अभिव्यक्ति को प्रभावित करते हैं और संवहनी के स्वास्थ्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. अच्छी नींद के साथ- साथ अपने खाने पीने का भी खास खयाल रखना चाहिए. ताकि लोग बीमार होन से बच सके.

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अमेरिका में कोलोराडो विश्वविद्यालय के प्रोफेसर क्रिस्टोफर डेसूजा ने कहा, "यह शोध एक नए संभावित तंत्र की ओर इशारा करता है, जिसके अनुसार नींद दिल के स्वास्थ्य और समग्र शरीर क्रिया विज्ञान को प्रभावित करती है. "


44 से 62 आयु समूह के अलग-अलग लोगों का शोधकर्ताओं ने नमूना लिया, जिसमें नींद संबंधी उनकी आदतों के बारे में उनसे एक प्रश्नावली भरवाई गई. कुछ ऐसे भी लोग है जो रात में सात से 8.5 घंटे सोते थे, बाकी आधे लोग हर रात पांच से 6.8 घंटे सोते थे.


उन्होंने पाया कि अपर्याप्त नींद लेने वाले लोगों में एमआईआर-125ए, एमआईआर-126, और एमआईआर-14एकी मात्रा पर्याप्त नींद लेने वाले लोगों की तुलना में 40 से 60 प्रतिशत कम थी.

PK

Pinki Kumari

पिंकी कुमारी News4Social की क्राइम संवाददाता हैं। वे अपराध, कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय खबरों पर रिपोर्ट करती हैं, और घटनाओं को तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत करने का प्रयास करती हैं। सभी लेख देखें →

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