कोयला ब्लॉक आवंटन मामला: सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व PM मनमोहन सिंह को किया दोषमुक्त, 2015 का समन रद्द
यूपीए सरकार के समय के सबसे चर्चित मामलों में से एक, कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में देश के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत डॉ. मनमोहन सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने उन्हें औपचारिक…
यूपीए सरकार के समय के सबसे चर्चित मामलों में से एक, कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में देश के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत डॉ. मनमोहन सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने उन्हें औपचारिक रूप से दोषमुक्त कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा 2015 में डॉ. सिंह को जारी किए गए समन को रद्द कर दिया है।
यह पूरा मामला 2005 में ओडिशा के तालाबीरा-2 कोयला ब्लॉक के आवंटन से जुड़ा था। इस मामले में विशेष सीबीआई अदालत ने 11 मार्च, 2015 को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया था। इसके बाद कोर्ट ने डॉ. मनमोहन सिंह और पांच अन्य को आरोपी के तौर पर तलब किया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने 1 अप्रैल, 2015 को इस कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।
क्या था निचली अदालत का आदेश?
विशेष सीबीआई अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री और अन्य लोगों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) और धारा 409 (आपराधिक विश्वासघात) के तहत मुकदमे का सामना करने के लिए समन भेजा था। सीबीआई ने अपनी जांच पूरी करने के बाद दो अलग-अलग क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थीं, लेकिन विशेष जज ने दोनों को खारिज कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट का निर्णायक फैसला
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि विशेष न्यायाधीश के पास सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करने और अपराधों का संज्ञान लेने का कोई ठोस कारण नहीं था। शीर्ष अदालत ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए 11 मार्च, 2015 के आदेश को रद्द कर दिया और मामले को योग्यता के आधार पर (on merit) बंद कर दिया।
इनपुट: IANS



