कोटा: चंबल नहर में दुर्गा विसर्जन के दौरान नाव पलटी, 4 बच्चों की तलाश जारी, मंत्री ने जताया दुख
राजस्थान के कोटा में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक दुखद हादसा हो गया। मंगलवार शाम को एक नाव चंबल नदी की दाहिनी मुख्य नहर में पलट गई, जिसमें सात लोग सवार थे। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के…
राजस्थान के कोटा में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक दुखद हादसा हो गया। मंगलवार शाम को एक नाव चंबल नदी की दाहिनी मुख्य नहर में पलट गई, जिसमें सात लोग सवार थे। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, इस घटना में चार बच्चे लापता हो गए हैं, जिनकी तलाश के लिए बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
यह घटना बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में 80 फीट रोड पर स्थित स्टील ब्रिज के पास हुई। लोग दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के लिए किशोर सागर से निकलने वाली नहर पर इकट्ठा हुए थे। इसी क्रम में सात लोग एक नाव में सवार होकर विसर्जन के लिए नहर में उतरे, लेकिन बीच रास्ते में नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बचाव कार्य और आधिकारिक बयान
नाव में सवार सात लोगों में से नाविक समेत तीन लोग तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन चार बच्चे नहर में लापता हो गए। कोटा की एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि सूचना मिलते ही बचाव दलों को मौके पर भेजा गया। उन्होंने कहा, "नाव में सवार तीन लोगों को तैरना आता था, इसलिए वे निकल गए। बाकी चार लोगों को तैरना नहीं आता था।" एसपी ने जानकारी दी कि लापता लोगों को खोजने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), नगर निगम और स्थानीय गोताखोरों की टीमें लगातार जुटी हुई हैं।
असुरक्षित नाव के इस्तेमाल पर उठे सवाल
राज्य के मंत्री मदन दिलावर ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि त्योहार के दिन इस हादसे से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि विसर्जन के लिए एक असुरक्षित नाव का इस्तेमाल किया गया, जबकि ऐसी नावों के उपयोग पर प्रतिबंध है। मंत्री ने पुष्टि की कि नाव डूबने के बाद तीन लोग तो सुरक्षित बच गए, लेकिन चार अन्य अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
इनपुट: IANS



