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कोलकाता दुर्गा पूजा हादसा: चोरबागान पंडाल भगदड़ में 19 की मौत, परिवार ने उठाए लापरवाही पर सवाल

कोलकाता के एक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ ने उत्सव के माहौल को मातम में बदल दिया, जिसमें 19 लोगों की जान चली गई। इस हादसे में मारे गए एक 64 वर्षीय श्रद्धालु के परिवार ने पूजा समिति पर गंभीर…

कोलकाता दुर्गा पूजा हादसा: चोरबागान पंडाल भगदड़ में 19 की मौत, परिवार ने उठाए लापरवाही पर सवाल
(फोटो: IANS)

कोलकाता के एक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ ने उत्सव के माहौल को मातम में बदल दिया, जिसमें 19 लोगों की जान चली गई। इस हादसे में मारे गए एक 64 वर्षीय श्रद्धालु के परिवार ने पूजा समिति पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरी घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह दर्दनाक घटना शनिवार शाम उत्तरी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गापूजा पंडाल में घटी।

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मृतकों में उत्तर हावड़ा के सलकिया निवासी विकास भट्टाचार्य भी शामिल थे। उनके भाई तापस भट्टाचार्य ने बताया कि विकास शनिवार दोपहर अकेले ही पंडाल घूमने के लिए निकले थे, क्योंकि उन्हें दुर्गा पूजा के दौरान मां दुर्गा के दर्शन का बहुत शौक था। शाम को पुलिस से मिली सूचना के बाद जब तापस कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचे, तो उन्होंने अपने भाई का शव पाया।

पूजा समिति पर गंभीर आरोप

तापस भट्टाचार्य ने पूजा समिति और राज्य प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनके मुताबिक, बारिश की वजह से पंडाल के अंदर भारी भीड़ जमा हो गई थी, लेकिन प्रवेश और निकास के रास्ते बेहद संकरे थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंडाल के अंदर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, जिसके चलते यह हादसा हुआ। उन्होंने मांग की है कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए।

कैसे हुआ यह हादसा?

जानकारी के मुताबिक, चोरबागान पंडाल में प्रतिमा दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। इसी दौरान पंडाल के निकास द्वार का एक हिस्सा गिर गया, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति बन गई। इस घटना में कई लोग घायल हुए, जिन्हें कलकत्ता मेडिकल कॉलेज समेत तीन सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। रविवार तक मृतकों की संख्या बढ़कर 19 हो गई थी, जबकि 25 घायलों का इलाज चल रहा है, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

सरकार और प्रशासन की कार्रवाई

इस मामले में पुलिस ने आयोजकों और स्वयंसेवकों समेत 12 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। रविवार को एक फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का दौरा किया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) के गठन की घोषणा की है। साथ ही, उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भी ऐलान किया है।

इनपुट: IANS

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News4Social पश्चिम बंगाल डेस्क

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