जबरन वसूली का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने कीर्ति आजाद की याचिका खारिज की, कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई जारी
पूर्व क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति आजाद को कथित जबरन वसूली के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई करने से…
पूर्व क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति आजाद को कथित जबरन वसूली के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उनके वकील ने अर्जी वापस ले ली। कोर्ट ने कहा कि जब मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण की अर्जी पहले से ही कलकत्ता हाईकोर्ट में लंबित है, तो वह अनुच्छेद 32 के तहत इस याचिका पर सुनवाई नहीं करेगा।
उल्लेखनीय है कि कलकत्ता हाईकोर्ट इस मामले में कीर्ति आजाद को छह महीने के लिए गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण पहले ही दे चुका है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान इसी तथ्य को आधार बनाते हुए अदालत ने दखल देने से मना कर दिया। इसके बाद कीर्ति आजाद की तरफ से पेश हुए वकील विकास सिंह ने याचिका वापस लेने का फैसला किया।
क्या हैं कीर्ति आजाद पर आरोप?
कीर्ति आजाद के खिलाफ पश्चिम बंगाल पुलिस ने एक कारोबारी को धमकाने, जबरन वसूली की रकम मांगने और आपराधिक साजिश रचने के आरोपों में FIR दर्ज की है। इसी मामले को चुनौती देते हुए उन्होंने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
क्रिकेट और राजनीति में लंबा सफर
कीर्ति आजाद भारतीय राजनीति और क्रिकेट, दोनों में एक जाना-पहचाना नाम हैं। वर्तमान में वह पश्चिम बंगाल की बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा सीट से ममता-तृणमूल कांग्रेस (एम-टीएमसी) के सांसद हैं। क्रिकेट के मैदान पर वह 1983 में क्रिकेट विश्व कप जीतने वाली ऐतिहासिक भारतीय टीम का हिस्सा थे। उन्होंने भारत के लिए 7 टेस्ट और 25 वनडे मैच खेले। उनका टेस्ट डेब्यू 1981 में न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन में हुआ था। उनके पिता, भागवत झा आजाद, एक स्वतंत्रता सेनानी, केंद्रीय मंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
इनपुट: IANS



