आंध्र प्रदेश में चक्रवात 'मुरासु' ने दी दस्तक, 14 NDRF टीमें तैनात, 6 ज़िले सर्वाधिक प्रभावित
आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान 'मुरासु' ने मंगलवार सुबह दस्तक दे दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, तूफान के ज़मीन से टकराने (लैंडफॉल) की प्रक्रिया सुबह करीब 9 बजे पूरी हो गई। इसके…
आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान 'मुरासु' ने मंगलवार सुबह दस्तक दे दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, तूफान के ज़मीन से टकराने (लैंडफॉल) की प्रक्रिया सुबह करीब 9 बजे पूरी हो गई। इसके मद्देनज़र, राज्य में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की 14 टीमें तैनात की गई हैं। अधिकारियों ने बताया है कि अभी तक किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।
एनडीआरएफ के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) मोहसेन शाहेदी ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) से मिली ताज़ा जानकारी के अनुसार, लैंडफॉल की प्रक्रिया मंगलवार तड़के शुरू हुई थी। उन्होंने कहा, "साइक्लोन मुरासु का लैंडफॉल प्रोसेस सुबह शुरू हुआ। आईएमडी से हमें मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, लैंडफॉल प्रोसेस सुबह करीब 9:00 बजे पूरा हो गया।"
राहत और बचाव के इंतज़ाम
डीआईजी शाहेदी के मुताबिक, चक्रवात से निपटने के लिए आंध्र प्रदेश में चौदह टीमें तैनात हैं, जिनमें से तीन तमिलनाडु से भेजी गई हैं। राज्य के छह जिलों की पहचान उन इलाकों के रूप में की गई है, जहाँ तूफान का सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका है। इन क्षेत्रों में एनडीआरएफ के जवान राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
अधिकारी ने यह भी बताया कि चक्रवात का प्रभाव सिर्फ आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं रह सकता। उन्होंने कहा, "साइक्लोन का असर वाला इलाका आमतौर पर तेज हवाओं और बारिश की वजह से बहुत बड़ा होता है। पांच राज्यों की पहचान ऐसे इलाकों के तौर पर की गई है, जो साइक्लोन से प्रभावित हो सकते हैं।"
अन्य राज्यों पर क्या होगा असर?
चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए आंध्र प्रदेश के अलावा ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और उत्तरी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। हालांकि, डीआईजी ने यह भी स्पष्ट किया कि सिस्टम के धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की उम्मीद है, जिससे आंध्र प्रदेश के बाहर बड़े असर की संभावना कम हो जाएगी।
उन्होंने कहा, "अभी तक की जानकारी के मुताबिक, यह साइक्लोन जल्द ही साइक्लोनिक स्टॉर्म में बदल जाएगा और फिर आधी रात तक डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसलिए, आंध्र के बाहर इस साइक्लोन का असर कम होने की उम्मीद है।" अधिकारी स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं और प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान चला रहे हैं।
इनपुट: IANS



