महाराष्ट्र में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, खड़कवासला बांध से मुठा नदी में छोड़ा गया 27,000 क्यूसेक पानी
महाराष्ट्र के कई जिले इन दिनों भारी बारिश की चपेट में हैं, जिससे सामान्य जनजीवन पर गहरा असर पड़ा है। पुणे के पास खड़कवासला बांध के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जलस्तर तेज़ी
महाराष्ट्र के कई जिले इन दिनों भारी बारिश की चपेट में हैं, जिससे सामान्य जनजीवन पर गहरा असर पड़ा है। पुणे के पास खड़कवासला बांध के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जलस्तर तेज़ी से बढ़ गया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बुधवार सुबह 5:30 बजे से बांध के स्पिलवे से मुठा नदी में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा बढ़ा दी है।
पहले 22,880 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, जिसे अब बढ़ाकर 27,203 क्यूसेक कर दिया गया है। इस वजह से मुठा नदी के जलस्तर और बहाव में बढ़ोतरी की आशंका है, जिसको लेकर नदी किनारे बसे गांवों के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों को नदी से दूर रहने की सख्त सलाह दी है।
राज्य के अन्य हिस्सों में भी बारिश का कहर
पुणे के अलावा राज्य के अन्य इलाकों में भी बारिश ने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। पुणे और सोलापुर जिलों के लिए पानी का एक महत्वपूर्ण स्रोत, उजनी बांध भी भारी बारिश के बाद अपने 'डेड स्टोरेज लेवल' से ऊपर आ गया है। वहीं, वसई-विरार क्षेत्र में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जल-जमाव की स्थिति बन गई है। नालासोपारा-अचोले लिंक रोड और तुलिंज ब्रिज के नीचे पानी भरने से यातायात भी प्रभावित हुआ है।
मुंबई की लोकल ट्रेनें और रत्नागिरी की सड़कें प्रभावित
आर्थिक राजधानी मुंबई में भी सुबह से जारी तेज बारिश ने लोकल ट्रेनों की रफ्तार धीमी कर दी है। ट्रेनें अपने निर्धारित समय से लगभग 30 मिनट की देरी से चल रही हैं, जिससे बांद्रा जैसे स्टेशनों पर यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर, रत्नागिरी जिले के गुहागर स्थित विसापुर पंगारी में बारिश के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा (लगभग साढ़े तीन से चार फीट) धंस गया, जिससे गांव का मुख्य संपर्क मार्ग बंद हो गया है। इससे स्थानीय निवासियों और स्कूली छात्रों को आने-जाने में भारी दिक्कतें हो रही हैं।
इनपुट: IANS



