झारखंड लोक सेवा आयोग भर्ती घोटाला: CID ने पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते से शुरू की पूछताछ
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में जांच का दायरा आयोग के शीर्ष तक पहुँच गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने मंगलवार को…
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में जांच का दायरा आयोग के शीर्ष तक पहुँच गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने मंगलवार को आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते से पूछताछ शुरू कर दी है। ख्यांगते, जिन्होंने हाल ही में इस मामले में CID की छापेमारी के बाद पद से इस्तीफा दे दिया था, जांच एजेंसी के समन पर उसके कार्यालय पहुँचे।
CID की यह कार्रवाई 11वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा समेत कई अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच का हिस्सा है। इस मामले में अब तक परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी और आयोग की तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पूछताछ के केंद्र में ब्लैकलिस्टेड एजेंसी
जांच का मुख्य केंद्र बिंदु एक ब्लैकलिस्टेड एजेंसी, टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल), को परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी सौंपना है। CID यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किन परिस्थितियों में इस एजेंसी का चयन किया गया। अधिकारियों ने ख्यांगते से एजेंसी के चयन की प्रक्रिया, फाइल की मंजूरी और इसमें बतौर अध्यक्ष उनकी भूमिका पर सवाल किए।
जांच एजेंसी यह भी जानना चाहती है कि क्या आयोग को टीडीपीएल के खिलाफ पहले से दर्ज मामलों या उसके ब्लैकलिस्ट होने की जानकारी थी। यदि हाँ, तो उसे काम क्यों सौंपा गया, और यदि नहीं, तो एजेंसी का सत्यापन ठीक से क्यों नहीं किया गया।
पूरी परीक्षा प्रक्रिया सवालों के घेरे में
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ सिर्फ एजेंसी के चयन तक सीमित नहीं है। CID ने ओएमआर शीट की छपाई, उनके रखरखाव, मूल्यांकन, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और परिणाम तैयार करने की पूरी प्रक्रिया पर भी सवाल किए। अधिकारी यह जानना चाहते थे कि इन प्रक्रियाओं की निगरानी आयोग के स्तर पर कैसे होती थी और शिकायतें मिलने पर क्या कार्रवाई की गई।
CID अब एल. ख्यांगते के जवाबों का मिलान पहले से गिरफ्तार आरोपियों के बयानों, जब्त दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों से करेगी। जांच के दौरान आयोग और टीडीपीएल के दफ्तरों से बड़ी मात्रा में दस्तावेज और ओएमआर शीट बरामद की गई थीं।
उल्लेखनीय है कि मार्च 2022 में जेपीएससी अध्यक्ष का पदभार संभालने वाले ख्यांगते ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए इस्तीफा देने की बात कही थी। फिलहाल CID ने उन्हें आरोपी नहीं बनाया है और यह पूछताछ जांच प्रक्रिया का एक हिस्सा है।
इनपुट: IANS



