रानी पद्मावती को पत्रकार ने बताया अपना पूर्वज
संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को लेकर चल रहा विवाद खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है।
अब वामपंथियों का लिखा इतिहास तय करेगा रानी पद्मिनी का वजूद? राजपूत के तौर पर ही नहीं, एक भारतीय के तौर पर वो मेरी पूर्वज हैं। जो मां बाप की बेइज़्ज़ती सह सकता है, वही पूर्वजों का निरादर बर्दाश्त कर सकता है। #Padmavatirow
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Have you watched movie already!?
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Aap to aise defend kar rahe jaise apne dekh li ho ...
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I am waiting to watch it before jumping to conclusion .. #Padmavatirow #Padmavati
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रानी पद्मिनी समस्त भारतीयों के लिए पूजनीय ओर आदर्श है। उनकी शान में हल्की सी गुस्ताखी भी नाकाबिले बरदाश्त होनी चाहिए
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संजय लीला भंसाली से यह जरूर पूछें कि रानी पद्मावती नृत्य करती थीं, इसकी प्रामाणिकता क्या है?
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बता दें कि दीपिका पादुकोण, शाहिद कपूर और रणवीर सिंह स्टारर फिल्म पद्मावती को कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन अब फिल्म को अरनब गोस्वामी और रजत शर्मा जैसे टीवी पत्रकारों का समर्थन मिला है। फिल्म के प्रोड्यूसर्स ने कुछ पत्रकारों के लिए स्पेशल स्क्रीनिंग रखी थी। फिल्म देखने के बाद अरनब ने इसे ‘राजपूतों के लिए सबसे बड़ी श्रद्धांजलि’ बताया। अरनब ने अपने प्राइम टाइम शो में कहा कि फिल्म का हर सीन ‘रानी पद्मिनी की महानता’ को एक ‘सिनेमाई ट्रिब्यूट’ है। वहीं रजत शर्मा ने कहा कि फिल्म का कोई भी सीन ‘राजस्थान के लोगों या राजपूतों की आन-बान-शान के खिलाफ नहीं’ है। बता दें कि फिल्म पद्मावती का राजपूत संगठन काफी लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। राजपूती संगठन करणी सेना का कहना है कि भंसाली ने फिल्म बनाने के लिए इतिहास से छेड़छाड़ की है। हालांकि भंसाली पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि उन्होंने तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश नहीं किया है। भंसाली का कहना है कि वे राजपूतों की भावनाओं का सम्मान करते हैं।इतिहास तो दोनो पंथ ने लिखा बस बात ये है कि वामपंथियो की विचारधारा ही हमारे इतिहास मे समाहित किया गया औरआगे बढ़ाया।
— Ankita Thakur. (@sovereigN_anki_) November 17, 2017X (Twitter) पर देखें →



