झारखंड: मतदाता सूची से 40 लाख से ज़्यादा नाम हटने का खतरा, कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मांगी मोहलत
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान 40 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से कटने की आशंका जताई जा रही है। इस पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने चुनाव आयोग से…
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान 40 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से कटने की आशंका जताई जा रही है। इस पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने चुनाव आयोग से प्रक्रिया की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार से मुलाकात कर इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस पार्टी ने ज्ञापन में बताया कि 27 जुलाई तक तैयार की गई 'एएसडीडी' सूची में 40,04,817 मतदाताओं के नाम शामिल हो चुके हैं। यह सूची अनुपस्थित (Absent), स्थानांतरित (Shifted), मृत (Dead) और डुप्लीकेट (Duplicate) मतदाताओं की पहचान के लिए बनाई जा रही है। पार्टी ने इस बात पर विशेष चिंता जताई है कि इस सूची में सबसे बड़ी संख्या 'लापता' या अनुपस्थित श्रेणी के मतदाताओं की है।
प्रमुख शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या
रिपोर्ट के मुताबिक, रांची, हटिया, कांके, धनबाद, बोकारो और जमशेदपुर पश्चिम जैसे शहरी विधानसभा क्षेत्रों में स्थिति विशेष रूप से गंभीर है। इन इलाकों में 'लापता' श्रेणी के मतदाताओं की संख्या 75 हजार से लेकर 1.15 लाख तक बताई गई है। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि राज्य में डिजिटाइजेशन की बेहतर व्यवस्था होने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं का अनुपस्थित श्रेणी में दर्ज होना संदेह पैदा करता है।
प्रक्रिया और अन्य चिंताएं
कांग्रेस ने यह भी बताया कि देवघर और दुमका जैसे जिलों में सावन के बाबाधाम मेले के कारण प्रशासनिक व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव है, जिससे पुनरीक्षण कार्य प्रभावित हो सकता है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि कई जगहों पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) मतदाताओं से फॉर्म लेने के बाद उन्हें पावती रसीद नहीं दे रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि एएसडीडी सूची का लगातार बढ़ना और अनमैपिंग सूची का अब तक प्रकाशित न होना मतदाताओं में भ्रम पैदा कर रहा है। इन सभी कारणों का हवाला देते हुए कांग्रेस ने मांग की कि मतदाताओं को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का पर्याप्त अवसर देने के लिए नोटिस जारी करने और सुनवाई की प्रक्रिया की समय-सीमा बढ़ाई जाए।
कांग्रेस के अनुसार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने उन्हें आश्वासन दिया है कि 5 अगस्त के बाद पुनरीक्षण प्रक्रिया के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय देने का प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के साथ सूर्यकांत शुक्ला, लाल किशोर नाथ शाहदेव और अन्य नेता शामिल थे।
इनपुट: IANS



