सोमवार, 3 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
स्वास्थ्य

झारखंड: मलेरिया से 4 मौतों के बाद पूरे राज्य में अलर्ट, सरकार ने रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाए

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया के कारण चार लोगों की जान चली गई है, जिसके बाद राज्य सरकार ने संक्रमण को और फैलने से रोकने के लिए पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की

झारखंड: मलेरिया से 4 मौतों के बाद पूरे राज्य में अलर्ट, सरकार ने रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाए
(फोटो: IANS)

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया के कारण चार लोगों की जान चली गई है, जिसके बाद राज्य सरकार ने संक्रमण को और फैलने से रोकने के लिए पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को तत्काल व्यापक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने मलेरिया की रोकथाम और नियंत्रण के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना लागू करने को कहा है। जिन इलाकों में संक्रमण के मामले मिल रहे हैं, वहां युद्धस्तर पर निगरानी बढ़ाने और हर स्तर पर जवाबदेही तय करने के आदेश दिए गए हैं।

रोकथाम और जांच के लिए खास निर्देश

सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय निगरानी पर जोर दिया है। जिन इलाकों में बुखार के ज्यादा मामले हैं, वहां बहुद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (एमपीडब्ल्यू) और सहियाओं के जरिए घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा। निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि मलेरिया की आशंका वाले हर मरीज की तुरंत जांच हो और संक्रमित पाए जाने पर इलाज में कोई देरी न की जाए। गंभीर मरीजों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराने के लिए भी कहा गया है।

इसके अलावा, किसी भी इलाके में मलेरिया का एक भी नया मामला सामने आने पर पूरे क्षेत्र में मास सर्वे या फीवर सर्वे कराना अनिवार्य होगा। प्रशासन को हर गांव का मलेरिया डेटा तैयार करने और सबसे ज्यादा प्रभावित गांवों की सहियाओं को रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (आरडीटी) किट व जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

स्वास्थ्य केंद्रों और जागरूकता पर फोकस

आदेश के मुताबिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जांच सामग्री और मलेरिया-रोधी दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, प्रभावित इलाकों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव और लार्वा को नियंत्रित करने की गतिविधियों में भी तेजी लाई जाएगी।

सरकार ने मलेरिया से बचाव के उपायों को लेकर एक बड़ा जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया है, ताकि लोग समय पर अपनी जांच कराएं और मच्छरों से बचाव के तरीके अपनाएं।

निगरानी के लिए त्रिस्तरीय व्यवस्था

मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रमों की निगरानी के लिए एक त्रिस्तरीय समीक्षा व्यवस्था भी लागू की गई है। इसके तहत, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर हर हफ्ते, सिविल सर्जन स्तर पर हर पंद्रह दिन में और उपायुक्त की अध्यक्षता में हर महीने जिला स्तर पर समीक्षा बैठकें होंगी। अपर मुख्य सचिव ने सभी उपायुक्तों से इन कार्यक्रमों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने को कहा है, ताकि संक्रमण को जल्द से जल्द काबू में लाकर किसी भी तरह की जनहानि को रोका जा सके।

इनपुट: IANS

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