झारखंड: JPSC-JSSC परीक्षा विवाद में छात्रों का आंदोलन तेज़, मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान
झारखंड में लोक सेवा आयोग (JPSC) और कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर छात्रों का आंदोलन अब और उग्र हो गया है। आंदोलन के 22वें दिन प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने सरकार के सा…
झारखंड में लोक सेवा आयोग (JPSC) और कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर छात्रों का आंदोलन अब और उग्र हो गया है। आंदोलन के 22वें दिन प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने सरकार के साथ 'आर-पार की लड़ाई' की घोषणा करते हुए 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने पहली बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस्तीफे की भी मांग की है।
सरकार पर बढ़ा दबाव, CBI जांच की मांग
शनिवार शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंच के प्रवक्ताओं, रवींद्र पासवान और पीयूष कुमार ने अपनी मांगें दोहराईं। उनकी मुख्य मांगें JSSC-CGL और 11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करना और पूरे मामले की CBI से जांच कराना है। उन्होंने कहा कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे आंदोलन के लिए "भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस का रास्ता अपनाएंगे"।
राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की योजना
छात्र नेताओं ने अपनी आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि 20 अगस्त के घेराव के लिए राज्य भर से अभ्यर्थी रांची में जुटेंगे। इससे पहले, 16 अगस्त को झारखंड के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया जाएगा। रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर भी एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित होगा। मंच ने यह भी घोषणा की कि वे कांग्रेस नेता राहुल गांधी का भी पुतला दहन करेंगे।
कांग्रेस और राहुल गांधी पर साधा निशाना
मंच के प्रवक्ता रवींद्र पासवान ने राहुल गांधी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पहले छात्रों की मांगों का समर्थन किया था, लेकिन अब उन्हें राज्य सरकार को लेकर अपना रुख साफ करना चाहिए। उन्होंने कहा, "अगर आप हमारे मुद्दे के साथ हैं तो राज्य सरकार से कांग्रेस का समर्थन वापस लें। छात्रों के साथ खड़े रहने की बात कहकर उन्हें भ्रमित न करें।" छात्र नेताओं के अनुसार, अब तक उनका आंदोलन गांधीवादी तरीके से चल रहा था, लेकिन सरकार की उदासीनता ने उन्हें आक्रामक संघर्ष के लिए मजबूर किया है।
इनपुट: IANS



