गुरूवार, 5 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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JDU में बड़ी बगावत के संकेत? छोटू सिंह बोले- 'अब नीतीश कुमार का नियंत्रण नहीं, विधानसभा चुनाव हुए तो 10 सीटें भी नहीं आएंगी'

जनता दल यूनाइटेड (JDU) के अंदर चल रही खींचतान खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के पूर्व प्रदेश महासचिव छोटू सिंह ने अपनी ही पार्टी के नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि मुख्यमंत्री नीतीश…

JDU में बड़ी बगावत के संकेत? छोटू सिंह बोले- 'अब नीतीश कुमार का नियंत्रण नहीं, विधानसभा चुनाव हुए तो 10 सीटें भी नहीं आएंगी'
(फोटो: IANS)

जनता दल यूनाइटेड (JDU) के अंदर चल रही खींचतान खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के पूर्व प्रदेश महासचिव छोटू सिंह ने अपनी ही पार्टी के नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अब जदयू पर पहले जैसा नियंत्रण नहीं रहा। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सिंह ने यहां तक कह दिया कि अगर अभी बिहार में विधानसभा चुनाव हो जाएं, तो जदयू को दस सीटें भी मिलना मुश्किल होगा।

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सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ लोग नीतीश कुमार को घेरकर पार्टी को लगातार कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह जल्द ही राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव से मुलाकात करने वाले हैं, जिससे उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

चुनाव में हार और वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा पर उठाए सवाल

छोटू सिंह ने हालिया विधान परिषद (MLC) चुनावों में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार ने बिहार की तस्वीर और तकदीर बदलने के लिए विकास के अनेक काम किए, लेकिन आज पार्टी चार में से एक सीट भी नहीं जीत सकी।” उन्होंने इस बात पर भी हैरानी जताई कि पहले स्नातक चुनावों में नीतीश कुमार को प्रचार तक नहीं करना पड़ता था, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। सिंह ने यह भी कहा कि पार्टी के बड़े नेताओं के प्रभाव वाले क्षेत्रों में भी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।

पार्टी में वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार किए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, “यदि नीतीश कुमार की इच्छा चल रही होती तो श्याम रजक, नरेंद्र नारायण यादव, महेश्वर हजारी और कुशवाहा समाज के वरिष्ठ नेता मंत्री होते।” उन्होंने सवाल किया कि आखिर पार्टी में किसका प्रभाव चल रहा है।

अनंत सिंह और आनंद मोहन पर कार्रवाई क्यों?

छोटू सिंह ने अनंत सिंह और आनंद मोहन को पार्टी से बाहर किए जाने के फैसले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अनंत सिंह ने सरकार के पक्ष में खड़े रहकर आलोचनाएं झेलीं और सरकार बचाने में भूमिका निभाई, फिर भी उन पर कार्रवाई की गई। उन्होंने अनंत सिंह के परिवार को घर खाली करने के लिए सिर्फ 15-20 दिन का समय दिए जाने को अनुचित बताया और कहा कि यह जदयू के ही कुछ लोगों की मंशा को दर्शाता है।

भविष्य की राह और लालू से मुलाकात

अपने अगले कदम के बारे में छोटू सिंह ने स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा, लेकिन उन्होंने लालू प्रसाद यादव को अपना 'अभिभावक' बताया। उन्होंने कहा, “राजनीति में कौन कहां आएगा और कौन कहां जाएगा, यह परिस्थितियों पर निर्भर करता है। जहां सम्मान मिलेगा, वहां कोई भी जा सकता है।” उन्होंने यह भी साफ किया कि वह नीतीश कुमार का सम्मान करते रहेंगे, लेकिन पार्टी की मौजूदा स्थिति से दुखी हैं और उनकी आंखों में आंसू हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नीतीश कुमार को घेरने वाले लोगों पर लगाम नहीं लगी, तो पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

इनपुट: IANS

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News4Social बिहार डेस्क

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