फ्रांस हिंसा पर अमेरिकी सीनेटर जेडी वेंस की टिप्पणी, पश्चिमी देशों की आव्रजन नीति पर उठाए सवाल
फ्रांस के लिमोज शहर में ऐतिहासिक टाउन हॉल में आगजनी की घटना के बाद अमेरिका के सीनेटर जेडी वेंस ने पश्चिमी देशों की उदारवादी आव्रजन नीतियों की तीखी आलोचना की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक…
फ्रांस के लिमोज शहर में ऐतिहासिक टाउन हॉल में आगजनी की घटना के बाद अमेरिका के सीनेटर जेडी वेंस ने पश्चिमी देशों की उदारवादी आव्रजन नीतियों की तीखी आलोचना की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि "विविधता और करुणा" के नाम पर अपनाई गई नीतियों ने प्रवासियों के स्थानीय समाज में घुलने-मिलने जैसे अहम पहलुओं की अनदेखी की।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, वेंस ने कहा, "पश्चिमी उदारवादियों ने विविधता और करुणा के नाम पर फ्रांस और दूसरे देशों में ‘तीसरी दुनिया’ को अपने यहां जगह दी।" उन्होंने दावा किया कि इन नीतियों के संभावित नकारात्मक परिणामों को लेकर पहले भी चेतावनी दी गई थी, लेकिन संबंधित नेताओं ने उन पर ध्यान नहीं दिया।
अमेरिका को भी चेताया
इस मुद्दे को अमेरिकी राजनीति से जोड़ते हुए वेंस ने अपने देश के नागरिकों से फ्रांस के घटनाक्रम पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी कांग्रेस के डेमोक्रेटिक सांसद भी अमेरिका को इसी दिशा में ले जाना चाहते हैं। फ्रांस को एक "खूबसूरत देश" और वहां के लोगों को "अद्भुत" बताते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि देश इस स्थिति को रोकने और अपने ऐतिहासिक स्थलों को बचाने के लिए जरूरी कदम उठाएगा।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद फ्रांस के लिमोज शहर में शनिवार को 143 साल पुरानी एक ऐतिहासिक इमारत में आग लगाए जाने के बाद शुरू हुआ। 1883 में निर्मित यह टाउन हॉल फ्रांस के ऐतिहासिक स्मारकों में सूचीबद्ध है, जिसे आग से भारी नुकसान पहुंचा है। यह आगजनी 17 अक्टूबर को महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं की खराब स्थिति को लेकर हुए देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान भड़की हिंसा के बीच हुई। वेंस की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कई पश्चिमी देशों में आव्रजन, राष्ट्रीय पहचान और सांस्कृतिक एकीकरण जैसे विषयों पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
इनपुट: IANS



