फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों पर ईरान की प्रतिक्रिया, विदेश मंत्री बोले- 'राष्ट्रपति मैक्रों, जनता की आवाज़ सुनें'
फ्रांस के कई शहर जब महंगाई, ईंधन की कीमतों और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर हो रहे हिंसक प्रदर्शनों से जूझ रहे हैं, तब ईरान ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर निशाना साधा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास…
फ्रांस के कई शहर जब महंगाई, ईंधन की कीमतों और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर हो रहे हिंसक प्रदर्शनों से जूझ रहे हैं, तब ईरान ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर निशाना साधा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि फ्रांसीसी जनता बड़े पैमाने पर बदलाव चाहती है और राष्ट्रपति मैक्रों को 'फ्रांस के भविष्य की आवाज' सुननी चाहिए।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि राष्ट्रपति मैक्रों ने यह स्थिति खुद पैदा की है। उन्होंने लिखा, "अब उस युद्ध के लिए दूसरों को दोष देने में बहुत देर हो चुकी है, जिसे उनके जैसे लोगों ने पैदा करने में मदद की थी।" अपने बयान में उन्होंने मैक्रों पर ईरानियों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों का स्वागत करने का भी आरोप लगाया।
फ्रांस में विरोध प्रदर्शन की स्थिति
फ्रांस में शनिवार को हुए प्रदर्शनों में करीब साढ़े पांच लाख लोग सड़कों पर उतरे, जिनमें किसान, जलवायु कार्यकर्ता, ट्रेड यूनियन सदस्य और छात्र शामिल थे। कई जगहों पर ये प्रदर्शन हिंसक हो गए। फ्रांस के गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इन घटनाओं के सिलसिले में 2,397 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
इन झड़पों के दौरान 997 पुलिसकर्मी और सुरक्षा बल के सदस्य भी घायल हुए, जिनमें से सात की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य चिंताएं बढ़ती महंगाई, ईंधन की कीमतें, शिक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं की स्थिति से जुड़ी हैं।
सरकार का पक्ष
प्रदर्शनों और आलोचनाओं के बीच राष्ट्रपति मैक्रों का कहना है कि उनकी सरकार लोगों की क्रय शक्ति (खरीदने की क्षमता) को बढ़ाने और आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। वहीं, ईरानी विदेश मंत्री ने अपने पोस्ट में कहा, "फ्रांस की जनता बड़े स्तर पर बदलाव चाहती है, जिसमें शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होने और अपनी बात रखने की आजादी भी शामिल है। मिस्टर राष्ट्रपति, फ्रांस के भविष्य की आवाज को सुनिए।"
इनपुट: IANS



