जमुई कांड: तेजस्वी यादव ने काल्पनिक संवाद के जरिए सीएम सम्राट चौधरी पर साधा निशाना, कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा से छेड़छाड़ और मारपीट की घटना पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए…
बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा से छेड़छाड़ और मारपीट की घटना पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राजद नेता ने एक काल्पनिक संवाद का सहारा लेते हुए सरकार और पुलिस की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए।
तेजस्वी ने अपने एक्स (X) पोस्ट में मुख्यमंत्री और एक पुलिस अधिकारी के बीच हुई कथित बातचीत को व्यंग्यात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। इस काल्पनिक संवाद में उन्होंने दर्शाया कि मुख्यमंत्री घटना के दोषियों पर कार्रवाई करने की बजाय उनकी जाति और गमछे का रंग पूछ रहे हैं।
काल्पनिक संवाद के जरिए लगाए गंभीर आरोप
राजद नेता ने अपने पोस्ट में लिखा कि सीएम सम्राट चौधरी ने फोन पर पुलिस अधिकारी से पूछा कि आरोपी के गमछे का रंग क्या था। जब अधिकारी ने रंग 'भगवा' बताया तो मुख्यमंत्री की ओर से कहा गया कि फिर वह 'भगवा बलात्कारी' नहीं हो सकता। तेजस्वी के मुताबिक, इसके बाद सीएम ने पूछा कि क्या गमछे में कहीं हरा रंग तो नहीं है।
इसी पोस्ट में तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि संवाद में मुख्यमंत्री ने अधिकारी को मामले में 'मुस्लिम और यादव एंगल' तलाशने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी लिखा कि कार्रवाई न करने पर अधिकारी को निलंबित करने की धमकी देने जैसी बात भी इस काल्पनिक बातचीत में शामिल है।
प्रधानमंत्री और AI का भी जिक्र
अपने तंज को आगे बढ़ाते हुए तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि यह सवाल उठता है कि प्रधानमंत्री चुनाव के दौरान टेलीप्रॉम्प्टर पर कौन-सा गीत गाएंगे, और इसी संदर्भ में ‘मारब सिक्सर...’ गीत की पंक्तियों का उल्लेख किया। पोस्ट के अंत में उन्होंने 'दीपक' नाम का जिक्र करते हुए कटाक्ष किया कि यह संवाद उन्हें किस अधिकारी ने रटवाया था।
जमुई मामले में अब तक की कार्रवाई
गौरतलब है कि जमुई की यह घटना वीडियो वायरल होने के बाद सामने आई थी, जिसके बाद विपक्ष लगातार सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है। इस मामले में पुलिस ने जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और अन्य की पहचान की जा रही है।
इनपुट: IANS



