जम्मू NIA कोर्ट का बड़ा कदम, पाकिस्तानी आतंकी हैंडलर मोहम्मद याकूब के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी
जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने के आरोप में एक पाकिस्तानी हैंडलर के खिलाफ जम्मू की विशेष NIA अदालत ने गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार…
जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने के आरोप में एक पाकिस्तानी हैंडलर के खिलाफ जम्मू की विशेष NIA अदालत ने गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद याकूब, जो अबू सुमामा, सुमामा इलियास और वारिस अली जैसे कई नामों से जाना जाता है, पर घाटी में आतंकी हमलों की साजिश रचने का आरोप है।
यह पूरा मामला तब सामने आया था जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पांडाच के गुज्जर टेंट इलाके में नाका लगाकर जांच शुरू की थी। इसी दौरान श्रीनगर के जाकुरा की ओर जा रही एक मोटरसाइकिल (JK01AH/8264) को रोका गया। तलाशी के दौरान उसके चालक मोहम्मद नकीब भट्ट के पास से एक चीनी ग्रेनेड और 15 कारतूस बरामद हुए। भट्ट श्रीनगर के बटपोरा इलाके का रहने वाला है और वह इन हथियारों को रखने का कोई वैध कारण नहीं बता सका, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
साजिश का खुलासा और हैंडलर की भूमिका
जांच आगे बढ़ने पर इस मामले के तार पाकिस्तान से जुड़े। पहले से गिरफ्तार दो पाकिस्तानी आतंकियों—अब्दुल्ला राजपूत उर्फ कामरान अहमद और खुबैब उर्फ उस्मान जट्ट—ने पूछताछ में मोहम्मद याकूब का नाम उगला। उन्होंने बताया कि याकूब ने ही उन्हें कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों और आम नागरिकों पर हमले करने के लिए भेजा था।
एनआईए के जांच अधिकारी, डिप्टी एसपी अमित शर्मा ने अदालत में अर्जी देकर बताया कि याकूब फरार है और जांच एजेंसी उसे सामान्य प्रक्रिया से पेश करने में असमर्थ रही है। अदालत ने पाया कि जांच में याकूब की संलिप्तता स्पष्ट है और वह गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून (UAPA) की धारा 35 के तहत एक नामित आतंकवादी है।
अदालत का आदेश
अदालत ने आरोपी को फरार मानते हुए और उसकी आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 75 के तहत गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। यह वारंट आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जम्मू में NIA के डीआईजी को भेज दिया गया है।
इनपुट: IANS



