रविवार, 18 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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ग्रेटर नोएडा: किराए के घर में चल रही थीं ड्रग्स बनाने की दो गुप्त फैक्ट्रियां, NCB ने किया भंडाफोड़

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने एक बड़े ड्रग्स नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए दो अवैध प्रयोगशालाओं का पर्दाफाश किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक…

ग्रेटर नोएडा: किराए के घर में चल रही थीं ड्रग्स बनाने की दो गुप्त फैक्ट्रियां, NCB ने किया भंडाफोड़
(फोटो: IANS)

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने एक बड़े ड्रग्स नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए दो अवैध प्रयोगशालाओं का पर्दाफाश किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ये दोनों लैब ग्रेटर नोएडा के जहानाबाद कदलपुर गांव में किराए के मकानों से चलाई जा रही थीं, जहां सिंथेटिक ड्रग्स बनाने का पूरा इंतजाम था। इस कार्रवाई में एक विदेशी नागरिक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

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एजेंसी के अनुसार, इस ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और रसायन जब्त किए गए। बरामद सामग्री में लगभग 380 किलोग्राम एम्फेटामाइन युक्त पदार्थ और 10 किलोग्राम स्यूडोएफेड्रिन शामिल है। अधिकारियों का अनुमान है कि जब्त किए गए क्रिस्टलीय और अर्ध-क्रिस्टलीय पदार्थ से लगभग 56 किलोग्राम तैयार क्रिस्टल एम्फेटामाइन बनाया जा सकता था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 45 करोड़ रुपए आंकी गई है।

छापेमारी में क्या-क्या मिला?

इन प्रयोगशालाओं में मेथाम्फेटामाइन बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायन भी बड़ी मात्रा में मिले हैं। इनमें हाइड्रोक्लोरिक एसिड, एसीटोन, टोल्यूनि और सल्फ्यूरिक एसिड जैसे खतरनाक रसायन शामिल हैं। NCB को मौके से ड्रग्स बनाने के आधुनिक उपकरण भी मिले, जिनमें बड़े हीटिंग मैंटल, कांच के रिएक्शन पात्र, रसायनों के ड्रम, फिल्टरेशन मशीनें और वजन तौलने की मशीनें शामिल हैं।

गिरफ्तार आरोपी और उनका पुराना रिकॉर्ड

इस मामले में गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों की पहचान डेस्टिनी अब्राहम डंबिरी और मिजोरम निवासी लल्लावमज़ुआली उर्फ ओलिविया लालचाविमावी के रूप में हुई है। डंबिरी ने खुद को नाइजीरियाई नागरिक बताया है, लेकिन इमिग्रेशन रिकॉर्ड से पता चला है कि उसने जनवरी 2020 में सिएरा लियोन के नागरिक 'फ्रांसिस कालोकोह' के नाम पर भारत में प्रवेश किया था और उसका टूरिस्ट वीजा दिसंबर 2020 में ही खत्म हो चुका था।

वहीं, दूसरी आरोपी ओलिविया का भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसे पहले भी राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने गोवा के डाबोलिम एयरपोर्ट पर 313 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। वह उस मामले में फिलहाल जमानत पर बाहर थी।

पुराने ड्रग्स रैकेट से जुड़े तार

यह कार्रवाई अक्टूबर 2024 में कासना इंडस्ट्रियल एरिया में पकड़ी गई एक अन्य सिंथेटिक ड्रग लैब के बाद शुरू की गई जांच का हिस्सा है। उस मामले में 95.5 किलोग्राम सिंथेटिक ड्रग्स जब्त किए गए थे और मेक्सिकन ड्रग कार्टेल 'सीजेएनजी' से संबंधों का खुलासा हुआ था, जिसमें एक मैक्सिकन नागरिक समेत पांच लोग गिरफ्तार हुए थे। NCB अब इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन और ड्रग्स सप्लाई चेन की जांच कर रही है ताकि इसके फाइनेंसरों और अन्य साथियों तक पहुंचा जा सके।

इनपुट: IANS

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News4Social उत्तर प्रदेश डेस्क

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