इटली में महंगाई और शिक्षा व्यवस्था पर सरकार विरोधी प्रदर्शन, PM मेलोनी ने हिंसा पर दी कड़ी चेतावनी
इटली के कई शहरों में महंगाई और शिक्षा व्यवस्था में गिरावट के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जो कई जगहों पर हिंसक हो गए हैं। समाचार एजेंसी IANS के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार…
इटली के कई शहरों में महंगाई और शिक्षा व्यवस्था में गिरावट के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जो कई जगहों पर हिंसक हो गए हैं। समाचार एजेंसी IANS के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी की दक्षिणपंथी सरकार के खिलाफ छात्र, शिक्षक और ट्रेड यूनियन सड़कों पर उतर आए हैं। इन प्रदर्शनों की प्रेरणा फ्रांस और स्पेन में हुए हालिया आंदोलनों से बताई जा रही है।
रोम समेत कई शहरों में प्रदर्शनकारियों ने स्कूलों पर कब्जा कर लिया और उनकी पुलिस से झड़पें भी हुईं। इन घटनाओं पर प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करने की बात कही, लेकिन साथ ही हिंसा की घटनाओं को अस्वीकार्य बताया।
हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं
मिलान में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंके, जिसमें कई अधिकारी घायल हो गए। हिंसा और तोड़फोड़ के कारण जुलूस को बीच में ही रोकना पड़ा। इसी तरह, ट्यूरिन में कुछ लोगों को पत्थर और खिड़कियां तोड़ने वाले हथौड़ों के साथ पकड़ा गया। बोलोन्या में हंगामे के चलते रेलवे स्टेशन को एहतियातन बंद करना पड़ा। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व इन प्रदर्शनों का फायदा उठाकर अराजकता फैला रहे हैं।
प्रधानमंत्री मेलोनी का बयान
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मेलोनी ने कहा, "शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले हजारों लोगों के प्रति मेरे मन में बहुत सम्मान है... लेकिन अपने शहरों को हिंसा और आगजनी की भेंट चढ़ाना कोई अधिकार नहीं है।" उन्होंने वामपंथी नेताओं समेत सीजीआईएल (CGIL) द्वारा बुलाए गए प्रदर्शन में शामिल लोगों का भी जिक्र किया और कहा कि लोकतंत्र के लिए लोगों की भागीदारी जरूरी है।
मेलोनी ने विपक्षी दलों से भी इन हिंसक घटनाओं की स्पष्ट रूप से निंदा करने की अपील की। उन्होंने कहा, "अगर कोई इस पर चुप रहता है या हिचकिचाता है, तो उसे हिंसा के लिए एक तरह का समर्थन माना जा सकता है। ऐसे मामलों में चुप्पी स्वीकार नहीं की जा सकती।"
इनपुट: IANS



