बुधवार, 9 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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ईरान के खिलाफ अमेरिकी 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' शुरू, कई एयरलाइंस पर प्रतिबंध

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' के तहत पहली बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान का उद्देश्य तेहरान को आर्थिक रूप से पूरी तरह अलग-थलग करना है। समाचार एजेंसी…

ईरान के खिलाफ अमेरिकी 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' शुरू, कई एयरलाइंस पर प्रतिबंध
(फोटो: IANS)

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' के तहत पहली बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान का उद्देश्य तेहरान को आर्थिक रूप से पूरी तरह अलग-थलग करना है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई में उन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं जो ईरान की 'महान एयर' का समर्थन कर रही थीं।

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अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए इसे एक चेतावनी बताया। उन्होंने लिखा, "ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट के तहत हमने वादा किया था कि ईरानी सरकार को आर्थिक सहारा देने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। आज हमने उस वादे को पूरा करते हुए उन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं जो अब भी 'महान एयर' का समर्थन कर रही हैं।"

वैश्विक वित्तीय प्रणाली से बाहर होने का खतरा

वित्त मंत्री ने अपने पोस्ट में आगे चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सिर्फ 'महान एयर' तक सीमित नहीं है। उन्होंने लिखा, "इसे ईरान की बाकी एयरलाइंस के साथ कारोबार करने वाले सभी लोगों के लिए एक चेतावनी समझा जाए। आज हमने उन सभी एयरलाइंस पर भी प्रतिबंध लगाए हैं। यदि आप उनके साथ व्यापार करते हैं, तो आपको वैश्विक वित्तीय प्रणाली से बाहर किए जाने का जोखिम उठाना पड़ सकता है।"

स्कॉट बेसेंट ने पहले भी अमेरिका के इरादे साफ करते हुए कहा था कि लक्ष्य तेहरान की सभी आर्थिक जीवनरेखाओं को काटना है। उनके अनुसार, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में ईरान के दमनकारी शासन को सहारा देने वाले हर आर्थिक स्रोत को बंद करता रहेगा, जब तक कि वह पूरी तरह अलग-थलग न पड़ जाए।

ईरान को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य

अमेरिकी वित्त मंत्री ने राष्ट्रपति ट्रंप के दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने वह कदम उठाया है जिसे उनके पूर्ववर्ती टालते रहे थे। बेसेंट के मुताबिक, अमेरिका अब केवल ईरान से जुड़े खतरे को संभालने या नियंत्रित करने की कोशिश नहीं कर रहा है, बल्कि उसे पूरी तरह खत्म करने की दिशा में काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि जो देश अमेरिका का साथ देंगे, उन्हें साझेदारी का लाभ मिलेगा, लेकिन जो तेहरान के साथ खड़े होंगे, उन्हें भी एक कमजोर और अलग-थलग पड़ते शासन के साथ अलगाव का सामना करना पड़ेगा।

इनपुट: IANS

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