रविवार, 12 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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होर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान की चेतावनियों के बीच अमेरिका का दावा, 'जहाजों की आवाजाही नहीं रुकेगी'

ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर तनाव चरम पर पहुँच गया है। ईरान द्वारा इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बंद करने की घोषणा के जवाब में अमेरिकी सेना ने साफ़ किया है कि

होर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान की चेतावनियों के बीच अमेरिका का दावा, 'जहाजों की आवाजाही नहीं रुकेगी'
(फोटो: IANS)

ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर तनाव चरम पर पहुँच गया है। ईरान द्वारा इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बंद करने की घोषणा के जवाब में अमेरिकी सेना ने साफ़ किया है कि यह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग खुला है और किसी भी वैध जहाज की आवाजाही को रोका नहीं जाएगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान की धमकियों को "बेवजह की आक्रामकता" बताते हुए कहा कि क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है।

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अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक बयान जारी कर कहा, "होर्मुज स्‍ट्रेट उन सभी जहाजों के लिए खुला है जो अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से कानूनी तरीके से होकर गुजरना चाहते हैं।" बयान में यह भी कहा गया कि "हॉर्मुज स्‍ट्रेट पर ईरान का नियंत्रण नहीं है। इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है।"

ईरान का जवाबी हमला और मार्ग बंद करने की घोषणा

यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने रविवार को अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले करने का दावा किया। ईरान के मुताबिक, यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों में कई सैन्य ठिकानों और संचार टावरों पर किए गए हवाई हमलों के जवाब में की गई थी। IRGC ने अपने आधिकारिक समाचार मंच 'सेपा न्यूज' पर बताया कि जवाबी कार्रवाई के पहले चरण में जॉर्डन, कतर और ओमान में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।

IRGC की नौसेना ने इसके बाद घोषणा की कि विदेशी ताकतों के "गैरकानूनी हस्तक्षेप" से पैदा हुई असुरक्षा के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य को अगली सूचना तक बंद रखा जाएगा। ईरान ने चेतावनी दी है कि जब तक अमेरिका इस क्षेत्र में हस्तक्षेप बंद नहीं करता, तब तक किसी भी जहाज को यहाँ से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। IRGC ने यह भी दावा किया कि जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस पर किए गए हमले में बेस का कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और एमक्‍यू-9 रीपर ड्रोन का हैंगर नष्ट कर दिया गया।

इनपुट: IANS

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