इंडोनेशिया: क्राकाटोआ ज्वालामुखी की राख से हवाई यातायात ठप, 1.7 लाख यात्री फंसे
इंडोनेशिया में अनाक क्राकाटोआ ज्वालामुखी के फटने से निकली राख के विशाल गुबार ने हवाई यातायात को गंभीर रूप से बाधित कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना के कारण सोमवार को…
इंडोनेशिया में अनाक क्राकाटोआ ज्वालामुखी के फटने से निकली राख के विशाल गुबार ने हवाई यातायात को गंभीर रूप से बाधित कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना के कारण सोमवार को राजधानी जकार्ता के मुख्य एयरपोर्ट समेत आठ हवाई अड्डों को बंद करना पड़ा, जिससे करीब 1.70 लाख यात्रियों की यात्रा योजनाओं पर असर पड़ा है।
ज्वालामुखी से उठी राख लगभग 15,000 मीटर की ऊंचाई तक पहुंच गई, जिसके चलते 1,500 से अधिक उड़ानें या तो रद्द कर दी गईं या उनके संचालन में देरी हुई। अकेले जकार्ता के सोकर्णो-हट्टा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ही 964 उड़ानें प्रभावित हुईं, जहाँ कई एयरलाइनों को अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से रोकनी पड़ीं।
सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र और सुरक्षा उपाय
अनाक क्राकाटोआ ज्वालामुखी जावा और सुमात्रा द्वीपों के बीच सुंडा जलडमरूमध्य में स्थित है और इसमें शुक्रवार से ही गतिविधियां देखी जा रही थीं, जो रविवार को तेज हो गईं। इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (BNPB) के अनुसार, ज्वालामुखी की राख से बैंटेन प्रांत का पंडेगलांग और लामपुंग प्रांत के साउथ लामपुंग व टेंगगामुस इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। सरकार ने प्रभावित लोगों को बचाव और राहत कार्यों का आश्वासन दिया है।
सावधानी बरतते हुए, जकार्ता और लामपुंग के स्कूलों ने स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को देखते हुए ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी हैं। अधिकारियों ने लोगों को बाहर निकलने पर मास्क पहनने और ज्वालामुखी के क्रेटर से कम से कम दो मील की दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ा है।
ऐतिहासिक संदर्भ और वर्तमान स्थिति
अनाक क्राकाटोआ उसी क्षेत्र में स्थित है, जहां 1883 में विनाशकारी क्राकाटोआ विस्फोट हुआ था। उस ऐतिहासिक आपदा और उसके बाद आई सुनामी में 36,000 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। मौजूदा विस्फोट में अभी तक किसी बड़े नुकसान या जनहानि की कोई सूचना नहीं है। मौसम की अनिश्चितता के कारण अधिकारी यह बताने में असमर्थ हैं कि हवाई अड्डे कब तक पूरी तरह से दोबारा खोले जा सकेंगे।
इनपुट: IANS



