मंगलवार, 29 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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IDFC बैंक घोटाला: ED ने चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला के 14 ठिकानों पर की छापेमारी

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े 645 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ईडी के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-2 ने चंडीगढ़, मोहाली और…

IDFC बैंक घोटाला: ED ने चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला के 14 ठिकानों पर की छापेमारी
(फोटो: IANS)

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े 645 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ईडी के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-2 ने चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में 14 स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ नगर निगम समेत अन्य सरकारी खातों से फंड के गबन के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की गई।

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छापेमारी का मुख्य केंद्र कई बड़े ज्वेलर्स और उनसे जुड़ी कंपनियां थीं। जांच एजेंसी ने जिन परिसरों की तलाशी ली, उनमें मलिक ज्वेलर्स, केएलजी ज्वेलर्स और उसकी सहयोगी कंपनियां, एम.बी. गोल्ड ट्रेडर्स, श्याम ज्वेलर्स और सुंदर ज्वेलर्स शामिल हैं। इनके अलावा गौरव कंसल नाम के एक व्यक्ति के ठिकानों पर भी छापा मारा गया, जिस पर घोटाले से अर्जित धन को घुमाने और उसकी लेयरिंग करने में बिचौलिए की भूमिका निभाने का आरोप है।

गबन का पैसा ज्वेलर्स के जरिए हुआ सफेद!

ईडी की जांच के मुताबिक, सरकारी खजाने से गबन किए गए धन को इन ज्वेलर्स के बैंक खातों के माध्यम से घुमाया गया था। इसे वैध व्यापारिक लेन-देन के तौर पर दिखाया गया ताकि अवैध कमाई को छुपाया जा सके। जांच एजेंसी का आरोप है कि आरोपियों की मिलीभगत से इन लेन-देन का मकसद अपराध से हुई कमाई को सफेद धन के रूप में पेश करना था। जांच में यह भी सामने आया है कि इन ज्वेलर्स ने हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के बैंक खातों से निकाले गए घोटाले के पैसे को धोने में मदद की। आरोप है कि यह पैसा बाद में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक धोखाधड़ी में शामिल आईएएस अधिकारियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों तक पहुंचा।

अब तक की कार्रवाई और जांच का आधार

प्रवर्तन निदेशालय ने यह जांच प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 के तहत शुरू की थी। इसका आधार हरियाणा पुलिस द्वारा फरवरी 2026 में दर्ज की गई एक FIR थी, जिसमें हरियाणा के विकास एवं पंचायत विभाग के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में मौजूद खातों के बैलेंस में गड़बड़ी पाई गई थी। इसी मामले में ईडी पहले भी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और करीब 211 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति अटैच, जब्त या फ्रीज कर चुकी है। एजेंसी पंचकूला की विशेष पीएमएलए अदालत में 14 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत भी दायर कर चुकी है। इसी बैंक धोखाधड़ी मामले में सीबीआई ने भी पंचकूला की विशेष अदालत में तीसरी चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें हरियाणा कैडर के छह आईएएस अधिकारियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों को नामजद किया गया है। ईडी के मुताबिक, ताजा छापेमारी में कई और सबूत मिले हैं और बरामद दस्तावेजों की जांच जारी है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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