यमन: बाब अल-मंदेब जलसंधि के पास भीषण संघर्ष, सरकारी बलों और हूती विद्रोहियों में भारी लड़ाई
यमन की रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब अल-मंदेब जलसंधि के पास सरकारी बलों और हूती विद्रोहियों के बीच रविवार को भीषण लड़ाई छिड़ गई। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह संघर्ष उस वक्त शुरू हुआ जब सरकारी…
यमन की रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब अल-मंदेब जलसंधि के पास सरकारी बलों और हूती विद्रोहियों के बीच रविवार को भीषण लड़ाई छिड़ गई। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह संघर्ष उस वक्त शुरू हुआ जब सरकारी सैनिकों ने जलसंधि की ओर जाने वाले रास्तों पर हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर नए सिरे से हमला बोल दिया। इस क्षेत्र से वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग गुजरता है।
एक सैन्य अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सरकारी सेना की 'जायंट्स ब्रिगेड्स' और 'नेशन शील्ड फोर्सेज' की टुकड़ियों ने कई दिशाओं से आगे बढ़कर हूती विद्रोहियों के अहम ठिकानों पर कब्जा करने की कोशिश की। हालांकि, हूती विद्रोहियों ने मजबूत किलेबंदी और खाइयों में मोर्चा संभाल रखा है, जिससे सरकारी बलों को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
लड़ाई में नई तकनीक का इस्तेमाल
रिपोर्ट के मुताबिक, हूती लड़ाकों ने सरकारी सैनिकों को निशाना बनाने के लिए 'शवाज' नाम के कामिकाजे ड्रोन भी तैनात किए हैं। ये ड्रोन फर्स्ट-पर्सन व्यू (FPV) तकनीक से लैस हैं और फाइबर ऑप्टिक केबल से नियंत्रित होते हैं। इसके अलावा, विद्रोहियों द्वारा बिछाए गए बारूदी सुरंगों के जाल ने भी सरकारी सैनिकों की प्रगति को धीमा कर दिया है। अधिकारी ने इसे "अब तक की सबसे भीषण लड़ाइयों में से एक" बताया।
सऊदी अरब में भी तनाव
इस बीच, यमन में सक्रिय सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने भी अपनी सैन्य कार्रवाई की जानकारी दी है। शनिवार को गठबंधन ने सऊदी अरब के रियाद समेत पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों में चार ड्रोन विमानों को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया। गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि यमन के उत्तरी सादा प्रांत में दो बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों को भी तबाह किया गया है।
संघर्ष में दोनों पक्षों के कई लोगों के हताहत होने की खबर है, लेकिन सटीक संख्या अभी सामने नहीं आई है। लड़ाई जारी है और फिलहाल किसी भी पक्ष द्वारा बड़े इलाके पर कब्जे की पुष्टि नहीं हुई है। यह घटनाक्रम हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है, जहाँ हाल के दिनों में हमलों और चेतावनियों का दौर तेज हो गया है।
इनपुट: IANS



