ऑनलाइन ठगी का वैश्विक जाल: चीनी गिरोहों के कारण अमेरिकियों को अरबों का नुक़सान, अमेरिका ने उठाए कड़े कदम
म्यांमार, कंबोडिया और लाओस जैसे देशों से चलाए जा रहे ऑनलाइन ठगी के बड़े नेटवर्क अब एक वैश्विक खतरा बन चुके हैं, जिनके पीछे चीनी मूल के आपराधिक गिरोहों का हाथ है। अमेरिकी अधिकारियों ने सीनेट की विदेश…
म्यांमार, कंबोडिया और लाओस जैसे देशों से चलाए जा रहे ऑनलाइन ठगी के बड़े नेटवर्क अब एक वैश्विक खतरा बन चुके हैं, जिनके पीछे चीनी मूल के आपराधिक गिरोहों का हाथ है। अमेरिकी अधिकारियों ने सीनेट की विदेश संबंध समिति को बताया है कि इन गिरोहों की वजह से सिर्फ अमेरिकी नागरिकों को ही 2025 में लगभग 12.5 अरब डॉलर का नुक़सान हुआ, जो 2023 की तुलना में तीन गुना ज़्यादा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह समस्या अब औद्योगिक स्तर पर पहुँच चुकी है और इसके खिलाफ अमेरिका ने एक अंतरराष्ट्रीय अभियान शुरू कर दिया है।
ये आपराधिक संगठन लोगों को नौकरी का लालच देकर बुलाते हैं और फिर उनके पासपोर्ट ज़ब्त कर लेते हैं। पीड़ितों से बंधुआ मज़दूरों की तरह ज़बरदस्ती ऑनलाइन धोखाधड़ी कराई जाती है, और कईयों को यातनाएं भी दी जाती हैं। विश्वसनीय सूत्रों का हवाला देते हुए विदेश विभाग के सहायक सचिव माइकल डीसॉम्ब्रे ने कहा, "दर्जनों देशों के लाखों लोगों को तस्करी के जरिए इन केंद्रों में लाया गया है और काम करने के लिए मजबूर किया गया है।"
अमेरिका की जवाबी कार्रवाई
इस बढ़ते संकट से निपटने के लिए, अमेरिकी सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मार्च में इन गिरोहों की पहचान कर उन्हें खत्म करने की योजना बनाने का आदेश जारी किया था। इसके अलावा, साइबर अपराध से जुड़े लोगों पर वीज़ा प्रतिबंध भी लगाए गए हैं। अमेरिका ने इस समस्या से निपटने के लिए 13 देशों का एक अंतरराष्ट्रीय समूह भी बनाया है जो मिलकर इन स्कैम नेटवर्कों पर कार्रवाई करेगा। अधिकारियों ने यह भी बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी इस मुद्दे को उठाया है और बीजिंग से इन अपराधों पर लगाम लगाने में सहयोग की अपील की है।
अपराध का संगठित ढाँचा और विस्तार
ये धोखाधड़ी वाले नेटवर्क अब एक विशाल अवैध अर्थव्यवस्था बन चुके हैं। विदेश विभाग के उप सहायक सचिव डेविड बेडार्ड के अनुसार, "इन संगठनों की संरचना कई स्तरों वाली होती है, जिसमें आपराधिक सरगना, प्रबंधक और स्कैम कर्मचारी शामिल होते हैं।" इनके संचालन में भ्रष्ट अधिकारी, वकील, बैंकर और क्रिप्टोकरेंसी कन्वर्टर भी मदद करते हैं।
ये गिरोह अब केवल दक्षिण-पूर्व एशिया तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दक्षिण एशिया, अफ्रीका और अन्य क्षेत्रों में भी फैल रहे हैं। अपनी पहचान छिपाने के लिए वे बड़े परिसरों की जगह अब होटल और रिहायशी इमारतों का इस्तेमाल कर रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने श्रीलंका में उभरते स्कैम केंद्रों पर भी चिंता ज़ाहिर की है। समिति के अध्यक्ष जिम रिश ने कहा कि ये नेटवर्क अवैध मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी को भी बढ़ावा दे रहे हैं।
इनपुट: IANS



