ईरानी स्कूल पर हमला: अमेरिका ने अब तक माफ़ी नहीं मांगी, दुनिया निंदा करे- वरिष्ठ राजनयिक हकीम इलाही
ईरान के एक वरिष्ठ राजनयिक ने दावा किया है कि अमेरिका ने एक ईरानी प्राथमिक स्कूल पर हुए हमले के लिए आज तक माफी नहीं मांगी है, जिसमें 160 से ज़्यादा बच्चों की मौत हो गई थी। नई दिल्ली में आयोजित एक…
ईरान के एक वरिष्ठ राजनयिक ने दावा किया है कि अमेरिका ने एक ईरानी प्राथमिक स्कूल पर हुए हमले के लिए आज तक माफी नहीं मांगी है, जिसमें 160 से ज़्यादा बच्चों की मौत हो गई थी। नई दिल्ली में आयोजित एक सम्मेलन में बोलते हुए, ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस घटना की निंदा करने का आग्रह किया।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, एनडीटीवी वर्ल्ड समिट के एक सत्र में इलाही ने कहा, "हमारे देश और शासन को कई जटिल समस्याओं और संकटों का सामना करना पड़ा है।" उन्होंने 28 फरवरी को मिनाब स्थित शजरे तैय्यबेह स्कूल पर हुए हमले का ज़िक्र करते हुए दावा किया कि इसमें 168 बच्चों की जान चली गई थी। इलाही ने भावुक होते हुए कहा, "आज तक कुछ बच्चों के शव नहीं मिले हैं और उनके माता-पिता अब भी रो रहे हैं, क्योंकि उनके पास अपने बच्चों की कोई कब्र तक नहीं है जहां वे जाकर शोक मना सकें।"
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट और माफी की मांग
इलाही ने यह भी बताया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा भेजी गई एक जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में इस हमले में 125 बच्चों की मौत की पुष्टि की थी। उन्होंने कहा, "दुर्भाग्य से अमेरिका ने आज तक हमारे प्राथमिक स्कूल पर हमले जैसी बड़ी गलती के लिए माफी नहीं मांगी है।" उन्होंने सभी स्वतंत्र लोगों और मानवाधिकार समर्थकों से अपील की कि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए इसकी आलोचना की जानी चाहिए, चाहे वह ईरान में हो या कहीं और।
सर्वोच्च नेता खामेनेई के स्वास्थ्य पर सफाई
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर चल रही अटकलों पर भी हकीम इलाही ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि खामेनेई पूरी तरह स्वस्थ हैं और सक्रिय रूप से अपना काम कर रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रपति और संसद अध्यक्ष की खामेनेई के साथ हाल में हुई लंबी बैठकों का हवाला देते हुए कहा कि वह अपना काम अच्छे तरीके से कर रहे हैं।
फिलिस्तीन का मुद्दा भी उठा
इसी चर्चा में शामिल भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला अबू शवेश ने इज़राइल पर "नरसंहार जैसा युद्ध" करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका इज़राइल को हथियार और राजनीतिक समर्थन दे रहा है। शवेश ने आरोप लगाया कि संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका ने छह बार वीटो का इस्तेमाल करके गाजा में हिंसा रोकने के प्रयासों को बाधित किया।
इनपुट: IANS



