मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
दुनिया

ईरान को लेकर अमेरिकी रणनीति का खुलासा, होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल निर्यात लगभग ठप: मार्को रुबियो

अमेरिका ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होने वाले ईरान के तेल निर्यात को लगभग पूरी तरह रोक दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने यह दावा करते हुए कहा कि इस कदम का…

ईरान को लेकर अमेरिकी रणनीति का खुलासा, होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल निर्यात लगभग ठप: मार्को रुबियो
(फोटो: IANS)

अमेरिका ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होने वाले ईरान के तेल निर्यात को लगभग पूरी तरह रोक दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने यह दावा करते हुए कहा कि इस कदम का मकसद ईरान की अर्थव्यवस्था को कमजोर करना है, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर न पड़े। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह जानकारी रुबियो के एक इंटरव्यू से सामने आई है, जिसे अमेरिकी विदेश विभाग ने 19 अक्टूबर को जारी किया।

विज्ञापन

यह इंटरव्यू 15 अक्टूबर को 'ब्रेटबार्ट न्यूज' को दिया गया था। इसमें रुबियो ने बताया कि अमेरिका की दोहरी रणनीति है — एक तरफ ईरान पर आर्थिक दबाव बनाना और दूसरी तरफ अन्य देशों के लिए इस अहम समुद्री मार्ग को खुला रखना। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैन्य बल इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों को ईरानी हमलों से बचाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में लगे हुए हैं।

वैश्विक बाजार पर असर नहीं

मार्को रुबियो ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि ईरान को रोकने के बावजूद वैश्विक तेल आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। उन्होंने बताया, "पिछले दस दिनों और खासकर पिछले 30 दिनों के औसत को देखें तो रोजाना करीब 13 से 14 मिलियन बैरल तेल होर्मुज स्‍ट्रेट से होकर वैश्विक बाजार में पहुंच रहा है।" उनके मुताबिक, कुछ दिनों में तो यह मात्रा संघर्ष शुरू होने से पहले के स्तर के बराबर भी रही है। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।

ईरान पर आर्थिक और सैन्य दबाव

विदेश मंत्री ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के कारण ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना प्रभाव खो चुका है। उन्होंने कहा, "दुनिया में सिर्फ एक ही देश है जो होर्मुज स्‍ट्रेट से एक भी बैरल तेल नहीं भेज पा रहा, और वह ईरान है।" उन्होंने यह भी बताया कि सैन्य अभियानों ने ईरान की पारंपरिक सैन्य क्षमता, जिसमें उसकी नौसेना, वायु रक्षा प्रणाली और मिसाइल बनाने की सुविधाएं शामिल हैं, को काफी कमजोर कर दिया है।

रुबियो ने आर्थिक प्रतिबंधों का बचाव करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य ईरान की सेना और उससे जुड़े सशस्त्र समूहों तक वित्तीय मदद पहुंचने से रोकना है। उन्होंने कहा, "प्रतिबंधों के जरिए जो भी एक डॉलर आप उनसे रोकते हैं, वह एक डॉलर कम हो जाता है जो हिज्बुल्लाह को मिल सकता था, एक डॉलर कम जो हमास को मिल सकता था...या जो उनकी सेना या परमाणु महत्वाकांक्षाओं के लिए इस्तेमाल हो सकता था।"

समुद्री सुरक्षा और अमेरिकी भूमिका

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है, जिसके जरिए खाड़ी देश अपना तेल भारत और एशिया के अन्य बाजारों तक पहुंचाते हैं। रुबियो ने जोर देकर कहा कि ईरानी हमलों के बावजूद अमेरिकी सेना समुद्री व्यापार को सामान्य बनाए रखने में मदद कर रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि ईरान अब भी समुद्री जहाजों के लिए खतरा पैदा करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अमेरिकी सेना की भूमिका फिलहाल मुख्य रूप से रक्षात्मक है।

इनपुट: IANS

N

News4Social इंटरनेशनल डेस्क

News4Social इंटरनेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →