G20 बैठक: अमेरिका ने आर्थिक विकास, निष्पक्ष व्यापार और ईरान के मुद्दे पर अपना पक्ष रखा
अमेरिका के एशविले में हुई जी20 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक में ट्रंप प्रशासन ने मजबूत आर्थिक विकास, निष्पक्ष व्यापार नीतियों और रेगुलेटरी सुधारों पर जोर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट…
अमेरिका के एशविले में हुई जी20 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक में ट्रंप प्रशासन ने मजबूत आर्थिक विकास, निष्पक्ष व्यापार नीतियों और रेगुलेटरी सुधारों पर जोर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस बैठक में ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की चेतावनी से वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले खतरों पर भी गंभीर चिंता जताई गई।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय में अंतरराष्ट्रीय मामलों की उप सचिव एरिन ब्राउन ने बैठकों की जानकारी देते हुए बताया कि चर्चा की शुरुआत वैश्विक आर्थिक स्थिति और विकास से जुड़े मुद्दों से हुई। उन्होंने कहा, "ट्रंप प्रशासन अमेरिका और पूरी दुनिया में मजबूत अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर पूरी तरह केंद्रित है। जी20 वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ी साझा चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।"
व्यापार और आर्थिक सुधार
बैठक के दौरान वैश्विक व्यापारिक तनाव और असंतुलन प्रमुख मुद्दों में शामिल रहे। अमेरिका ने साफ किया कि वह जी20 के एक अलग सत्र में उन व्यापारिक नीतियों का विरोध करेगा जिन्हें वह अनुचित मानता है। एरिन ब्राउन ने कहा, "अब हम दूसरे देशों की अनुचित व्यापारिक नीतियों को स्वीकार नहीं करेंगे।" उन्होंने बताया कि प्रशासन पारस्परिक और सेक्टोरल टैरिफ के जरिए व्यापारिक संबंधों को ज्यादा निष्पक्ष बना रहा है।
प्रशासन ने कहा कि मजबूत आर्थिक विकास उसके घरेलू कार्यक्रम और जी20 एजेंडे की नींव है। इस दौरान फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श ने कहा कि 'लंबे समय से चली आ रही आर्थिक सुस्ती का दौर अब खत्म हो चुका है।' यूरोप समेत जी20 के कई अन्य देशों ने भी अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी, जिसमें नियमों को सरल बनाना भी शामिल है।
ईरान और ऊर्जा सुरक्षा पर चिंता
बैठक में ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किए जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठा। अमेरिका ने कहा कि वह इस जलमार्ग को फिर से खोलने और एक ऐसे कूटनीतिक समाधान पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिससे ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके। ब्राउन ने कहा, "हमारा अंतिम लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। ऐसा होने से लंबी अवधि में आर्थिक और बाजार संबंधी अस्थिरता भी कम होगी।"
निजी क्षेत्र की भूमिका
इस बार जी20 चर्चाओं में एक खास बात निजी क्षेत्र के प्रमुख अधिकारियों की भागीदारी रही, ताकि वे सीधे नीति निर्माताओं से संवाद कर सकें। इन सत्रों में निवेश, नवाचार और उत्पादकता की बाधाओं पर विचार-विमर्श हुआ। ब्राउन ने कहा, "निजी क्षेत्र सिर्फ आर्थिक विकास में भागीदारी नहीं करता, बल्कि वही विकास पैदा करता है।" उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने मैन्युफैक्चरिंग और स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल के साथ-साथ डिजिटल संपत्ति में नवाचार पर भी चर्चा की।
बैठक की शुरुआत करते हुए वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने हरिकेन हेलेन के बाद एशविले शहर के पुनर्निर्माण का जिक्र किया और इसे एक वापसी की मिसाल बताया।
इनपुट: IANS



