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चाँद पर कौन पहुँचेगा पहले? अमेरिका और चीन की होड़ अब महीनों की, सालों की नहीं: नासा प्रमुख

अंतरिक्ष में महाशक्तियों की दौड़ एक बार फिर तेज़ हो गई है। नासा के प्रमुख जैरेड आइज़ैकमैन ने चेतावनी दी है कि चंद्रमा पर दोबारा इंसान भेजने की प्रतिस्पर्धा में अमेरिका और चीन के बीच अब मुकाबला सालों क

चाँद पर कौन पहुँचेगा पहले? अमेरिका और चीन की होड़ अब महीनों की, सालों की नहीं: नासा प्रमुख
(फोटो: IANS)

अंतरिक्ष में महाशक्तियों की दौड़ एक बार फिर तेज़ हो गई है। नासा के प्रमुख जैरेड आइज़ैकमैन ने चेतावनी दी है कि चंद्रमा पर दोबारा इंसान भेजने की प्रतिस्पर्धा में अमेरिका और चीन के बीच अब मुकाबला सालों का नहीं, बल्कि महीनों का रह गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दोनों देश पृथ्वी से परे इंसानों की स्थायी मौजूदगी स्थापित करने की अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं पर तेज़ी से काम कर रहे हैं।

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आइज़ैकमैन ने कहा कि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि चीन अपने अंतरिक्ष यात्रियों (टाइकोनॉट्स) को चंद्रमा पर उतारने का इरादा रखता है, इसलिए अमेरिका के लिए तेज़ी से कदम उठाना ज़रूरी हो गया है। उन्होंने कहा, "सवाल यह है कि क्या अमेरिका उनसे पहले वापस आएगा?"

आर्टेमिस मिशन की टाइमलाइन

नासा के आर्टेमिस प्रोग्राम का लक्ष्य अपोलो मिशन के दशकों बाद एक बार फिर इंसानों को चाँद पर भेजना है। आइज़ैकमैन ने बताया कि ट्रंप सरकार के दौरान इस कार्यक्रम में ऐतिहासिक निवेश कर इसे राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाया गया था। योजना के मुताबिक, आर्टेमिस III मिशन अगले साल के लिए तय है, जिसके बाद 2028 में आर्टेमिस IV मिशन होगा। इसी मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रियों के पृथ्वी की कक्षा में नए लैंडिंग सिस्टम का परीक्षण करने के बाद चंद्रमा की सतह पर उतरने की उम्मीद है।

चीन से मुकाबला और भविष्य की योजनाएँ

चीन की चुनौती पर बात करते हुए नासा प्रमुख ने कहा, "उन्होंने कहा कि 2030 से पहले, हम कह रहे हैं कि 2028 के आखिर में हम लैंडिंग का टारगेट बना रहे हैं। यह महीनों का समय है, सालों का नहीं।" नासा का दीर्घकालिक लक्ष्य सिर्फ चाँद पर पहुँचना नहीं, बल्कि वहाँ एक स्थायी बेस बनाना है। यह बेस भविष्य में मंगल ग्रह पर भेजे जाने वाले मिशनों के लिए एक लॉन्चपैड की तरह काम करेगा।

आइज़ैकमैन के अनुसार, इस बेस के लिए ज़रूरी बुनियादी ढाँचा 2027 की शुरुआत में चाँद पर पहुँचना शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि 2028 तक वहाँ अंतरिक्ष यात्रियों के लिए लूनर टेरेन व्हीकल (चाँद पर चलने वाला वाहन) और अन्य सामान पहले से मौजूद होंगे। उन्होंने कहा, "2030 के दशक की शुरुआत में, चाँद अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन जैसा होगा," जहाँ क्रू लंबे समय तक रहकर मंगल मिशन की तैयारी करेंगे।

स्पेस प्रोग्राम में निजी कंपनियों की भूमिका

नासा प्रमुख ने अंतरिक्ष कार्यक्रमों में निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि स्पेसएक्स जैसी कमर्शियल कंपनियों ने अंतरिक्ष अन्वेषण के पूरे अर्थशास्त्र को बदल दिया है। उन्होंने ब्लू ओरिजिन के न्यू ग्लेन रॉकेट के लॉन्च में हुई देरी पर चिंता जताई, लेकिन भरोसा दिलाया कि कंपनी इस समस्या को सुलझा लेगी और नासा भविष्य के चंद्र मिशनों पर काम जारी रखने में मदद कर रहा है।

इनपुट: IANS

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