गुरूवार, 13 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट: लाल किला हमले के पीछे अल-कायदा, दक्षिण एशिया में बढ़ रहा खतरा

दिल्ली के लाल किले पर नवंबर 2025 में हुए हमले के तार आतंकवादी संगठन 'अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट' (AQIS) से जुड़े थे। यह खुलासा संयुक्त राष्ट्र की एक अहम रिपोर्ट में किया गया है, जिसमें चेतावनी…

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट: लाल किला हमले के पीछे अल-कायदा, दक्षिण एशिया में बढ़ रहा खतरा
(फोटो: IANS)

दिल्ली के लाल किले पर नवंबर 2025 में हुए हमले के तार आतंकवादी संगठन 'अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट' (AQIS) से जुड़े थे। यह खुलासा संयुक्त राष्ट्र की एक अहम रिपोर्ट में किया गया है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि यह संगठन दक्षिण एशिया में धीरे-धीरे अपना नेटवर्क और क्षमताएं बढ़ा रहा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह जानकारी इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) और अल-कायदा जैसे संगठनों पर नजर रखने वाली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की समिति को सौंपी गई 38वीं रिपोर्ट में सामने आई है।

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रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि AQIS अब एक बिखरा हुआ समूह न रहकर एक क्षेत्रीय आतंकवादी संगठन के रूप में विकसित हो रहा है। इसने अपने वित्तीय और लॉजिस्टिक नेटवर्क भी स्थापित कर लिए हैं। संगठन की कार्यशैली में भी बदलाव आया है और अब यह बड़े ढांचे की बजाय छोटे और विकेंद्रीकृत समूहों के माध्यम से काम कर रहा है।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर बढ़ता संकट

संयुक्त राष्ट्र की 'एनालिटिकल सपोर्ट एंड सैंक्शंस मॉनिटरिंग टीम' द्वारा तैयार इस रिपोर्ट में दक्षिण एशिया, विशेषकर अफगानिस्तान और पाकिस्तान की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक आतंकवादी खतरा कुल मिलाकर स्थिर बना हुआ है, लेकिन साहेल क्षेत्र और दक्षिण एशिया में इसकी गंभीरता काफी बढ़ गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि AQIS अपनी नई इकाइयां स्थापित करने के लिए बांग्लादेश का भी इस्तेमाल कर सकता है, जिससे भारत के पड़ोस में इसके विस्तार की आशंका बढ़ गई है। इसके अलावा, AQIS को 'इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन पाकिस्तान' नामक संगठन की मुख्य ताकत भी बताया गया है, जो कई हमलों के लिए जिम्मेदार रहा है।

तालिबान और आतंकी संगठनों का गठजोड़

रिपोर्ट में तालिबान और आतंकवादी समूहों के बीच कथित संबंधों पर भी प्रकाश डाला गया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि तालिबान प्रशासन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को समर्थन दे रहा है, जिसके कारण पाकिस्तान में हमले बढ़े हैं और दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव पैदा हुआ है।

रिपोर्ट के अनुसार, AQIS के कुछ नेता काबुल में मौजूद हैं और उन्हें कथित तौर पर अफगान पहचान पत्र भी जारी किए गए हैं, जो तालिबान के साथ उनके करीबी सहयोग का संकेत देता है। तालिबान लगातार इस बात से इनकार करता रहा है कि वह किसी आतंकी संगठन को पनाह दे रहा है, लेकिन सदस्य देशों ने चिंता जताई है कि यह संघर्ष चरमपंथी संगठनों के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अल-कायदा ने TTP को वैचारिक मार्गदर्शन और प्रशिक्षण समेत कई तरह का समर्थन दिया है।

इनपुट: IANS

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News4Social इंटरनेशनल डेस्क

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