गुरूवार, 30 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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वायनाड भूस्खलन के दो साल: नम आँखों से पीड़ितों ने अपनों को याद किया, प्रियंका गांधी ने दी श्रद्धांजलि

केरल के वायनाड में 30 जुलाई 2022 को हुए विनाशकारी भूस्खलन को दो साल पूरे हो गए हैं। इस आपदा की दूसरी बरसी पर, प्रभावित परिवारों और बचे हुए लोगों ने प्रार्थना सभाओं में इकट्ठा होकर मोमबत्तियां जलाईं…

वायनाड भूस्खलन के दो साल: नम आँखों से पीड़ितों ने अपनों को याद किया, प्रियंका गांधी ने दी श्रद्धांजलि
(फोटो: IANS)

केरल के वायनाड में 30 जुलाई 2022 को हुए विनाशकारी भूस्खलन को दो साल पूरे हो गए हैं। इस आपदा की दूसरी बरसी पर, प्रभावित परिवारों और बचे हुए लोगों ने प्रार्थना सभाओं में इकट्ठा होकर मोमबत्तियां जलाईं और उन प्रियजनों को याद किया जिन्हें उन्होंने हमेशा के लिए खो दिया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस त्रासदी ने चूरलमाला और मुंडक्कई के पहाड़ी गांवों को पूरी तरह तबाह कर दिया था, जिसका दर्द आज भी लोगों के दिलों में ताजा है।

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यह वो भयानक आपदा थी जिसमें कीचड़, पत्थरों और बाढ़ के सैलाब ने कई बस्तियों का वजूद ही मिटा दिया था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस भूस्खलन में 330 लोगों की जान गई थी, जिसमें वे 32 लोग भी शामिल हैं जो पहले लापता थे और बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस घटना ने सैकड़ों लोगों को बेघर कर दिया और वायनाड का भौगोलिक नक्शा हमेशा के लिए बदल गया।

जिंदगी पटरी पर, पर यादें ताजा

गुरुवार को आपदा स्थल और सरकार द्वारा बनाए गए नए पुनर्वास टाउनशिप में आयोजित कार्यक्रमों में लोगों ने अपने खोए हुए परिजनों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कई लोगों के लिए वह खौफनाक रात आज भी एक बुरे सपने की तरह है। काले बादल या तेज बारिश की आवाज सुनकर उनकी रूह कांप जाती है। कुछ को तो अपने परिवार के सदस्यों का अंतिम संस्कार करने का अवसर भी नहीं मिल पाया था।

हालांकि, अब जिंदगी धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। पुनर्वास टाउनशिप की गलियों में बच्चों की हंसी गूंज रही है, जो त्रासदी से उबरने और नई शुरुआत का प्रतीक है। इन्हीं में एक बच्ची रितु भी है, जिसका जन्म उसकी गर्भवती मां सिंधु के भूस्खलन से बचने के कुछ समय बाद हुआ था। आज इन विस्थापित परिवारों की ऐसी कई कहानियां उम्मीद की किरण जगा रही हैं।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने दी श्रद्धांजलि

इस अवसर पर वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से पीड़ितों को याद किया। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "चूरालमाला और मुंडक्कई के लोगों को तबाह करने वाली उस त्रासदी को दो साल बीत चुके हैं। हम वायनाड के लोगों की बहादुरी और हिम्मत को सलाम करते हैं। जो लोग हमें छोड़कर चले गए, उनकी याद और सम्मान में हम बचे हुए लोगों की हर संभव मदद करना जारी रखेंगे। हम अपनी जिंदगी को फिर से बनाने की हिम्मत भरी लड़ाई में उनके साथ खड़े रहने का अपना संकल्प दोहराते हैं, क्योंकि वे अपने दिलों में अपनों को खोने का गहरा दुख लिए हुए हैं।"

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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