हैदराबाद: 70 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी में दो गिरफ्तार, कमीशन के लिए बेचते थे फर्जी बैंक खाते
हैदराबाद में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो साइबर अपराधियों को फर्जी बैंक खाते और सिम कार्ड मुहैया कराता था। इस मामले में दो स्थानीय निवासियों को गिरफ्तार किया गया है। समाचार एजेंसी…
हैदराबाद में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो साइबर अपराधियों को फर्जी बैंक खाते और सिम कार्ड मुहैया कराता था। इस मामले में दो स्थानीय निवासियों को गिरफ्तार किया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इन आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए लगभग 70 खातों का इस्तेमाल देशभर में 450 से ज्यादा साइबर अपराधों में किया गया, जिनमें 60 से 70 करोड़ रुपये का लेनदेन शामिल है।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान हैदराबाद के रामंथपुर निवासी 39 वर्षीय गुम्मा रमेश और 19 वर्षीय मुदाले अनिल के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई एक पीड़ित की शिकायत पर की गई, जिसे फेसबुक पर पुराने नोटों के नाम पर ठगा गया था।
कैसे हुआ मामले का खुलासा
एक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ अज्ञात लोगों ने उसे एक रुपये के पुराने नोट के बदले 45 लाख रुपये देने का झांसा दिया। इस बहाने उससे 7,93,351 रुपये ठग लिए गए। इसी शिकायत की जांच करते हुए पुलिस इन दोनों आरोपियों तक पहुंची। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
कमीशन के लिए करते थे काम
साइबर अपराध पुलिस स्टेशन के प्रभारी पुलिस उपायुक्त एस. चैतन्य कुमार ने बताया कि आरोपियों ने कबूल किया है कि वे आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे। अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्होंने भारी कमीशन के बदले साइबर अपराधियों को फर्जी बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराने का फैसला किया।
मुख्य आरोपी गुम्मा रमेश पहले कर्नाटक के बीदर में रहता था और बाद में हैदराबाद आकर टैक्सी चलाने लगा। उसने साइबर जालसाजों से संपर्क साधा और फिर छात्रों, डिलीवरी पार्टनरों व अन्य लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते और सिम कार्ड हासिल किए। रमेश ने करीब 60-70 लोगों से उनके खाते, एटीएम कार्ड, नेट बैंकिंग डिटेल्स और सिम कार्ड लेकर कूरियर के जरिए हरियाणा में बैठे मुख्य अपराधियों को भेज दिए। दूसरे आरोपी अनिल ने भी कमीशन के लिए रमेश को तीन अलग-अलग बैंकों में खोले गए अपने खातों की जानकारी सौंप दी थी।
इनपुट: IANS



