तमिलनाडु: विजय सरकार के 100 दिन पूरे, कल्याणकारी योजनाओं और ₹1 लाख करोड़ के निवेश पर रहा ज़ोर
तमिलनाडु में पांच दशकों से अधिक समय से चली आ रही द्रविड़ राजनीति के परिदृश्य को बदलते हुए अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय की सरकार ने सत्ता में अपने 100 दिन पूरे कर लिए हैं। समाचार एजेंसी IANS के…
तमिलनाडु में पांच दशकों से अधिक समय से चली आ रही द्रविड़ राजनीति के परिदृश्य को बदलते हुए अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय की सरकार ने सत्ता में अपने 100 दिन पूरे कर लिए हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) ने अप्रैल में विधानसभा चुनाव जीतकर 10 मई को सरकार बनाई थी। इन 100 दिनों में सरकार का मुख्य ध्यान लोकलुभावन योजनाओं को लागू करने और राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने पर केंद्रित रहा है।
मुख्यमंत्री का पद संभालने के तुरंत बाद, विजय ने तीन महत्वपूर्ण फाइलों को मंजूरी दी थी। इनमें 500 यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को हर दो महीने में 200 यूनिट मुफ्त बिजली, महिलाओं की सुरक्षा के लिए 'सिंगप्पेन स्पेशल टास्क फोर्स' का गठन और 65 नशा-विरोधी इकाइयों की स्थापना शामिल थी।
कल्याणकारी योजनाएं और वादे
टीवीके सरकार ने अपने चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। राज्य की वित्त मंत्री मारिया विल्सन ने बताया कि संशोधित बजट में चुनाव के दौरान किए गए 125 वादों को शामिल किया गया है। सरकार ने सीमांत किसानों के लिए 50,000 रुपए तक के फसल ऋण माफ करने की घोषणा की। इसके अलावा, अम्मा कैंटीन के नवीनीकरण का आदेश दिया गया और सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 58% से बढ़ाकर 60% कर दिया गया।
अन्य कल्याणकारी उपायों में दुल्हनों को आठ ग्राम के सोने के सिक्के और रेशमी कपड़े देना, झोपड़ियों की जगह 70,000 पक्के घर बनाना, 11वीं कक्षा के छात्रों को आधुनिक साइकिलें और सरकारी कॉलेज के छात्रों को लैपटॉप देना शामिल है। 9 जून को सीएम विजय ने 'सिंगप्पेन फोर्स' की शुरुआत की और बाद में सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों को सोने की अंगूठी देने की योजना भी घोषित की।
निवेश और औद्योगिक विकास
अपने पहले 100 दिनों में सरकार ने उद्योग और निवेश को प्राथमिकता दी है। सरकार के मुताबिक, इस अवधि में 104 समझौतों के माध्यम से राज्य में 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आया है। अकेले 'वेट्री तमिलनाडु इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव' में 67,452 करोड़ रुपए के 97 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जिनसे 23 जिलों में 1.07 लाख नौकरियों के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
प्रशासनिक कदम और चुनौतियां
अपने कार्यकाल की शुरुआत में, सी. जोसेफ विजय ने नौ मंत्रियों के साथ शपथ ली थी, जिसके बाद 21 और 22 मई को कैबिनेट का विस्तार कर इसमें 25 और मंत्री शामिल किए गए। सरकार ने शिक्षण संस्थानों और पूजा स्थलों के पास स्थित 717 TASMAC शराब की दुकानें बंद करने का भी फैसला किया। 27 मई को अपनी दिल्ली यात्रा के दौरान, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और मेकेदातु बांध विवाद व तमिलनाडु के मछुआरों की समस्याओं जैसे मुद्दे उठाए।
हालांकि, सरकार को विपक्ष की आलोचना का भी सामना करना पड़ रहा है। कानून-व्यवस्था, यौन अपराध, बिजली कटौती और कचरा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर विपक्षी दल डीएमके और एआईएडीएमके सरकार को घेर रहे हैं। इन चुनौतियों के बावजूद, सरकार ने अपनी छवि प्रशासनिक तत्परता और भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता वाली बनाने की कोशिश की है।
इनपुट: IANS



