ईरान को परमाणु हथियार से रोकना ज़रूरी, भले ही राजनीतिक कीमत चुकानी पड़े: डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ भविष्य में और सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि ऐसे किसी भी कदम की रिपब्लिकन पार्टी को आगामी कांग्रेस चुनावों…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ भविष्य में और सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि ऐसे किसी भी कदम की रिपब्लिकन पार्टी को आगामी कांग्रेस चुनावों में राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ सकती है, लेकिन साथ ही ज़ोर दिया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना ज़्यादा ज़रूरी है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, वाशिंगटन से रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि ईरान के मुद्दे पर अमेरिकी जनता की राय बंटी हुई है। उन्होंने कहा, “एक तरह से लोग इसे पसंद करते हैं क्योंकि मैं वही कर रहा हूं जो पहले के राष्ट्रपतियों को बहुत पहले कर देना चाहिए था। दूसरी तरफ, कुछ लोग शायद इसे पसंद न करें।”
सैन्य कार्रवाई और राजनीतिक नफ़ा-नुकसान
ट्रंप ने माना कि ईरान के साथ संघर्ष का चुनावी अभियान पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा, “इसके लिए एक राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ सकती है और मुझे यह बात तभी समझ आ गई थी जब मैंने यह फैसला लिया। लेकिन हम ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दे सकते।” हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किसी नए सैन्य अभियान पर विचार कर रहे हैं या नहीं, और न ही संभावित लक्ष्यों या समयसीमा का कोई ब्योरा दिया।
ट्रंप ने दावा किया, “ईरान युद्ध में हमने उन्हें काफी बड़ा नुकसान पहुंचाया है और हो सकता है कि हम आगे भी कुछ और करें।” उन्होंने कहा कि भले ही कुछ लोग इसका विरोध करें, लेकिन बड़ी संख्या में देशभक्त लोग इसे सही मानते हैं।
वैश्विक चिंता और शांति की अपील
इसी बीच, न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बढ़ते वैश्विक संघर्षों के दूरगामी परिणामों को लेकर आगाह किया है। उन्होंने कहा कि लड़ाई अब सिर्फ़ उन देशों तक सीमित नहीं है जहां यह हो रही है, बल्कि इसका असर ऊर्जा बाज़ारों, समुद्री व्यापार मार्गों और आपूर्ति श्रृंखलाओं के ज़रिए दुनिया भर के आम लोगों तक पहुंच रहा है।
गुटेरेस ने संघर्ष रोकने, आम नागरिकों की सुरक्षा करने और कूटनीति को एक मौका देने की अपील की। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वह शुक्रवार को मिस्र की यात्रा करेंगे। उनके मुताबिक, मिस्र उन देशों में से है जो अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
इनपुट: IANS



