मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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परमाणु निरस्त्रीकरण: ट्रंप ने पुतिन और शी जिनपिंग के साथ त्रिपक्षीय बैठक की इच्छा जताई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और चीन के राष्ट्रपतियों के साथ एक त्रिपक्षीय शिखर बैठक की इच्छा व्यक्त की है, जिसका मुख्य एजेंडा परमाणु हथियारों में कटौती करना होगा। समाचार एजेंसी IANS के…

परमाणु निरस्त्रीकरण: ट्रंप ने पुतिन और शी जिनपिंग के साथ त्रिपक्षीय बैठक की इच्छा जताई
(फोटो: IANS)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और चीन के राष्ट्रपतियों के साथ एक त्रिपक्षीय शिखर बैठक की इच्छा व्यक्त की है, जिसका मुख्य एजेंडा परमाणु हथियारों में कटौती करना होगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सोमवार को व्हाइट हाउस से रवाना होने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह इस तरह की बैठक के लिए तैयार हैं। यह संभावित बैठक अगले महीने ट्रंप की प्रस्तावित चीन यात्रा के दौरान हो सकती है।

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ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस बातचीत का केंद्र बिंदु रूस-यूक्रेन युद्ध नहीं, बल्कि परमाणु निरस्त्रीकरण होना चाहिए। उन्होंने कहा, "मैं यह बैठक करने को तैयार हूं, लेकिन यूक्रेन के लिए नहीं। हम इसे परमाणु निरस्त्रीकरण पर बात करने के लिए करेंगे।" यह टिप्पणी उन खबरों के बाद आई है, जिनमें कहा गया था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नवंबर में चीन के शेन्जेन में 'एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन' (APEC) शिखर सम्मेलन के दौरान तीनों नेताओं की बैठक का प्रस्ताव दिया था।

चीन का रुख और चुनौतियां

हालांकि, चीन पहले भी ऐसी त्रिपक्षीय परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ता का विरोध करता रहा है। चीन का तर्क है कि उसका परमाणु भंडार अमेरिका और रूस की तुलना में बहुत छोटा है, इसलिए उसे समान शर्तों पर बातचीत में शामिल करना अनुचित है। पिछले सप्ताह ही चीन के विदेश मंत्रालय ने अपना रुख दोहराते हुए कहा था कि मौजूदा हालात में बीजिंग से ऐसी बातचीत में शामिल होने की उम्मीद करना न तो व्यावहारिक है और न ही उचित। ट्रंप ने भी यह माना है कि किसी समझौते तक पहुंचना आसान नहीं होगा, क्योंकि चीन शायद समान प्रतिबंधों को स्वीकार करने के लिए तैयार न हो।

पृष्ठभूमि और वैश्विक चिंताएं

अमेरिका, रूस और चीन के बीच परमाणु हथियारों को लेकर समझौते की इच्छा ट्रंप पहले भी कई बार जता चुके हैं। अमेरिका और रूस के पास दुनिया के सबसे बड़े परमाणु हथियार हैं, जबकि चीन हाल के वर्षों में अपनी क्षमता तेजी से बढ़ा रहा है। यह संभावित बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब इस साल की शुरुआत में 'न्यू स्ट्रैटेजिक आर्म्स रिडक्शन ट्रीटी' (New START) समाप्त हो गई, जिससे अमेरिका और रूस के बीच परमाणु हथियारों की संख्या पर कानूनी सीमाएं खत्म हो गईं। हथियार नियंत्रण विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कोई नया समझौता नहीं होता है, तो परमाणु शक्तियों के बीच हथियारों की होड़ और तेज हो सकती है।

इनपुट: IANS

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