नेपाल-तिब्बत बाढ़: अमेरिका ने की 5 लाख डॉलर की आपात मदद, 90 अमेरिकी नागरिकों के प्रभावित होने की आशंका
नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका ने नेपाल को हर संभव सहायता की पेशकश की है और पाँच लाख डॉलर की तत्काल मदद भेजी है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इस आपदा में करीब…
नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका ने नेपाल को हर संभव सहायता की पेशकश की है और पाँच लाख डॉलर की तत्काल मदद भेजी है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इस आपदा में करीब 90 अमेरिकी नागरिकों के प्रभावित होने की आशंका है, जिसको लेकर भारतीय मूल के दो अमेरिकी सांसदों ने चिंता जताई है।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस आपदा को "बहुत भयानक" बताया। उन्होंने कहा, "हमने नेपाल से संपर्क किया है और उन्हें जो भी मदद चाहिए, उसकी पेशकश की है।" अमेरिकी विदेश विभाग ने पुष्टि की है कि फंसे हुए तीन अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और गुरुवार सुबह 8 बजे (ईस्टर्न टाइम) तक किसी अमेरिकी की मौत की सूचना नहीं थी।
राहत और बचाव कार्य
अमेरिका ने इस क्षेत्र में एक आपदा प्रतिक्रिया सलाहकार (Disaster Response Advisor) को तैनात किया है। कैथोलिक रिलीफ सर्विसेज के साथ अपनी वैश्विक सहायता योजना के माध्यम से भेजी गई पाँच लाख डॉलर की आपातकालीन धनराशि का उपयोग अस्थायी आश्रय, राहत सामग्री, स्वच्छ पानी, सफाई और स्वास्थ्य संबंधी सहायता के लिए किया जाएगा। विदेश विभाग ने बताया कि नेपाल और चीन में अमेरिकी दूतावास स्थानीय टूर ऑपरेटरों और अधिकारियों के साथ मिलकर प्रभावित अमेरिकियों की मदद कर रहे हैं। विभाग ने वहां मौजूद अपने नागरिकों से स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील भी की है।
अमेरिकी सांसदों ने जताई चिंता
इलिनोइस से सांसद राजा कृष्णमूर्ति और वर्जीनिया से सुहास सुब्रमण्यम ने अलग-अलग बयान जारी कर विदेश विभाग से लापता अमेरिकियों को खोजने के प्रयास तेज करने का आग्रह किया है। कृष्णमूर्ति ने कहा, "विदेश विभाग को खोज और बचाव अभियान में हर उपलब्ध संसाधन का इस्तेमाल करना चाहिए।" उन्होंने कहा कि यह खबर "बेहद चिंताजनक है कि अब भी लापता लोगों में अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं।"
वहीं, सुहास सुब्रमण्यम ने बताया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र उत्तरी वर्जीनिया के कई लोग भी इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा, "उनमें से कुछ लोग आध्यात्मिक जुड़ाव की तलाश में हिमालय गए थे।" उन्होंने बताया कि उनका कार्यालय विदेश विभाग के साथ लगातार संपर्क में है ताकि बचाव अभियान प्रभावी ढंग से चले और परिवारों को नियमित जानकारी मिलती रहे।
इनपुट: IANS



