यूरोप में अशांति: ट्रंप ने आप्रवासन को बताया वजह, फ्रांस और इटली को दी सीमाएं बंद करने की सलाह
फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था, महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत को लेकर चल रहे प्रदर्शनों के बीच पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप में अशांति के लिए आप्रवासन (इमिग्रेशन) को जिम्मेदार…
फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था, महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत को लेकर चल रहे प्रदर्शनों के बीच पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप में अशांति के लिए आप्रवासन (इमिग्रेशन) को जिम्मेदार ठहराया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर फ्रांस और इटली जैसे देश अपनी सीमाओं पर नियंत्रण नहीं बढ़ाते हैं, तो उन्हें और अधिक अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है।
सोमवार को कंसास में एक चुनावी रैली के लिए रवाना होने से पहले ट्रंप ने कहा कि उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को कई साल पहले ही बड़ी संख्या में प्रवासियों को देश में आने देने के खिलाफ चेताया था। ट्रंप ने दावा किया, "मैंने इमैनुएल से कहा था कि आपको अपनी सीमाएं बंद कर देनी चाहिए।" उनका मानना है कि यूरोपीय सरकारें अपनी सीमाओं की रक्षा करने में विफल रही हैं और अब वे अपनी आप्रवासन नीतियों का परिणाम भुगत रही हैं।
फ्रांस का पक्ष और हिंसा की वजह
हालांकि, फ्रांसीसी अधिकारियों का दृष्टिकोण ट्रंप के दावों से अलग है। उनके मुताबिक, हालिया हिंसा का मुख्य कारण कट्टरपंथी समूह हैं, जो चल रहे प्रदर्शनों के दौरान सक्रिय हो गए। ये प्रदर्शन मूल रूप से स्कूलों की बिगड़ती स्थिति और घटती क्रय क्षमता जैसे मुद्दों को लेकर शुरू हुए थे, जिनमें बाद में ट्रेड यूनियन और अन्य संगठन भी शामिल हो गए।
फ्रांस सरकार ने यह निष्कर्ष नहीं निकाला है कि इन हिंसक घटनाओं के पीछे आप्रवासन एक कारण था या प्रवासी इसके मुख्य आयोजक थे। राष्ट्रपति मैक्रों ने भी हिंसा की निंदा करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और हिंसक तत्वों के बीच अंतर करने पर जोर दिया है।
प्रदर्शनों के दौरान हुई व्यापक हिंसा
फ्रांस में सप्ताहांत के दौरान कई शहरों में हिंसा भड़क उठी थी। इस दौरान कई वाहनों में आग लगा दी गई, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाया गया, और सार्वजनिक इमारतों पर हमले हुए। ऐतिहासिक शहर लिमोज के टाउन हॉल में नकाबपोश समूहों द्वारा आगजनी की भी खबर है। फ्रांसीसी अधिकारियों के अनुसार, इस अशांति को नियंत्रित करने के दौरान 2,300 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।
अमेरिका की राजनीति और ट्रंप का रुख
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले आप्रवासन एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। ट्रंप लंबे समय से यूरोप की आप्रवासन नीतियों की आलोचना करते रहे हैं और अपनी सरकार की सख्त नीतियों को एक बेहतर विकल्प के रूप में पेश करते हैं। उन्होंने सोमवार को सोशल मीडिया पर भी एक बयान में फ्रांस से अपनी सीमाएं बंद करने की अपील की।
इनपुट: IANS



