रविवार, 12 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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त्रिपुरा और मिजोरम सीमा विवाद: दशकों पुरानी समस्या सुलझाने के लिए दोनों मुख्यमंत्री सहमत, जल्द होगी अधिकारियों की बैठक

भारत के पूर्वोत्तर राज्यों त्रिपुरा और मिजोरम के बीच दशकों से चला आ रहा सीमा विवाद अब सुलझने की राह पर है। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा और मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा के बीच हाल ही में हुई ब

त्रिपुरा और मिजोरम सीमा विवाद: दशकों पुरानी समस्या सुलझाने के लिए दोनों मुख्यमंत्री सहमत, जल्द होगी अधिकारियों की बैठक
(फोटो: IANS)

भारत के पूर्वोत्तर राज्यों त्रिपुरा और मिजोरम के बीच दशकों से चला आ रहा सीमा विवाद अब सुलझने की राह पर है। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा और मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा के बीच हाल ही में हुई बातचीत के बाद इस दिशा में एक नई पहल शुरू हुई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी जल्द ही एक बैठक कर विवादित मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करेंगे।

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त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शनिवार को एक सरकारी कार्यक्रम में जानकारी दी कि उनकी यह महत्वपूर्ण वार्ता शिलांग में आयोजित पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) के 73वें पूर्ण अधिवेशन के दौरान हुई। उन्होंने बताया, "जब मैंने मिजोरम के मुख्यमंत्री से सीमा विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रस्ताव रखा, तो उन्होंने तुरंत सहमति दे दी।"

बातचीत से समाधान की रणनीति

दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच यह तय हुआ है कि पहले चरण में दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले पर चर्चा करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री स्तर पर एक बैठक होगी जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। यह कदम उस लंबे गतिरोध को तोड़ने की कोशिश है, जिसके कारण सीमावर्ती इलाकों में अक्सर तनाव पैदा होता रहा है। जब भी कोई एक राज्य विवादित क्षेत्र में विकास या निर्माण कार्य शुरू करता है, तो दूसरा राज्य उस पर आपत्ति जताता है।

विवाद की जड़ और पुराना तनाव

त्रिपुरा और मिजोरम 109 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं, जिस पर कई वर्षों से विवाद बना हुआ है। इसका एक प्रमुख केंद्र उत्तर त्रिपुरा जिले का फुलडुंगसेई गांव रहा है, जिस पर दोनों ही राज्य अपना दावा करते हैं। मई 2025 में इसी गांव में त्रिपुरा पर्यटन विभाग द्वारा बनाए जा रहे एक भवन पर विस्फोटक फेंके गए थे, जिससे उसे भारी नुकसान पहुंचा था। इस घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने पड़े थे।

उल्लेखनीय है कि त्रिपुरा की सीमा का बड़ा हिस्सा (856 किलोमीटर) बांग्लादेश से लगता है, जो उसकी कुल सीमा का लगभग 84 प्रतिशत है। इसके अलावा राज्य की असम के साथ 53 किलोमीटर और मिजोरम के साथ 109 किलोमीटर की अंतरराज्यीय सीमा है। इससे पहले भी दोनों राज्यों के अधिकारियों और सर्वे ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका।

इनपुट: IANS

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News4Social वायर डेस्क

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